शनिवार, 29 अगस्त, 2015 | 14:52 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
देश तानाशाही की ओर जा रहा है, यह बिहार का चुनाव नहीं पूरे देश को बचाने का चुनाव है: लालू।लालू यादव ने सपा को 5 सीट देने की घोषणा की।उत्तराखंडः रुड़की के मोहनपुरा फाटक के पास टैंकर और बाइक की टक्कर, बाइक सवार महिला की मौत, पति घायल।झारखंड: रांची में डीपीएस स्कूल के पास ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की मौत।
दिल्ली सरकार-पुलिस आयुक्त के बीच तेज हुई जुबानी जंग
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:26-12-2012 11:08:57 PMLast Updated:27-12-2012 09:45:42 AM
Image Loading

सामूहिक बलात्कार मामले में दिल्ली सरकार ने पुलिस आयुक्त नीरज कुमार पर बुधवार को भी दबाव बनाना जारी रखा और कहा कि उन्हें पीड़िता का बयान दर्ज करने वाली सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट  की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की अगुआई में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद दिल्ली के मुख्य सचिव पी के त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस आयुक्त को एसडीएम की कार्यप्रणाली पर फैसला लेने का अधिकार नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस मुद्दे को राजनैतिक फायदे के लिए तूल दिया जा रहा है उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं हो रही है।

उल्लेखनीय है कि पीड़िता का पहली बार बयान दर्ज करने वाली एसडीएम उषा चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि बयान दर्ज करने के दौरान दिल्ली पुलिस के तीन आला अधिकारियों ने हस्तक्षेप की कोशिश की थी।

सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल ने उषा की ओर से लिखे पत्र पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने शीला की ओर से केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को लिखे पत्र में की गई मांग का भी समर्थन किया। इस पत्र में मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

दिल्ली के एक मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल का मानना है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बलप्रयोग किया, जो स्वीकार्य नहीं है।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image LoadingLIVE: भारत को 7वां झटका, आर. अश्विन आउट
भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार को सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ तीसरे निर्णायक टेस्ट में बल्लेबाजी करते हुए अपना 7वां विकेट गंवा दिया।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब जय की हुई जमकर पिटाई...
वीरू (जय से): कल तुझे मेरे मोहल्ले के दस लड़कों ने बहुत बुरी तरह पीटा। फिर तूने क्या किया?
जय: मैंने उन सभी से कहा कि कि अगर हिम्मत है, तो अकेले-अकेले आओ।
वीरू: फिर क्या हुआ?
जय: होना क्या था, उसके बाद उन सबने एक-एक करके फिर से मुझे पीटा।