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आम चुनाव की निगरानी में एसएमएस से मिलेगी मदद
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-01-13 08:31 PM

चुनाव आयोग 2014 में होने जा रहे लोक सभा चुनाव में कोडेड एसएमएस आधारित चेतावनी पद्धति से निगरानी की योजना लागू करने में जुटा है। 2009 में हुए पिछले आम चुनाव में आयोग ने ऑनलाइन निगरानी पद्धति सीओएमईटी शुरू किया था।

उप चुनाव आयुक्त आलोक शुक्ला ने आईएएनएस को बताया, ''हम अगले चुनाव में इसका इस्तेमाल करने की उम्मीद करते हैं।''

शुक्ला के मुताबिक चुनाव के लिए संचार योजना (सीओएमईटी) के तहत मतदान कार्यो में प्रतिनियुक्त करीब 11 लाख सरकारी कर्मचारियों के फोन का डाटाबेस तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ शीघ्र संपर्क स्थापित करने में सक्षम होना था। अब यह उच्च तकनीक एसएमएस आधारित चेतावनी पद्धति में बदल गया है।

इस पद्धति में कर्तव्य पर तैनात कर्मियों व अधिकारियों के बारे में आंकड़ा एकत्र करने के लिए सांकेतिक संदेश का प्रयोग किया जाएगा। इससे माउस के सिर्फ एक क्लिक पर किसी भी मतदान केंद्र के कामकाज की निगरानी में मदद मिलेगी।

नई पद्धति का प्रयोग सबसे पहले 2012 के शुरू में हुए गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर के विधानसभा चुनावों और इसी साल के आखिरी में हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनावों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

अधिकारी के मुताबिक नई पद्धिति में मोबाइल से सांकेतिक टेक्स्ट संदेशों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे तय कार्यक्रमों जैसे मतदान दल का मतदान केंद्र तक पहुंचना, मतदान कार्यो का अभ्यास, मतदान शुरू होना, हर दो घंटे बाद मतदान का प्रतिशत, मतदान का समय समाप्त होने के बाद कतार में खड़े मतदाताओं की संख्या और मतगणना केंद्र तक ईवीएम के साथ मतदान दल के सुरक्षित पहुंचने की जानकारी भेजी जा सकेगी।

किसी भी असंगत परिस्थिति जैसे ईवीएम के काम नहीं करने, मतदाता सूची में गड़बड़ी या फिर कानून एवं व्यवस्था की समस्या खड़ी होने पर पद्धति तुरंत ही जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित इलाके के पुलिस निरीक्षक को एक एसएमएस से सतर्क कर देगा।

 
 
 
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