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मुसलमानों की दूसरी शादी के खिलाफ है देवबंद
मुजफ्फरनगर, एजेंसी First Published:12-04-12 06:07 PM
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इस्लामी मदरसा दारूल उलूम देवबंद ने मुस्लिमों से दूसरी शादी नहीं करने की अपील की है। देवबंद ने कहा कि भारतीय परंपरा में दोनों पत्नियों के साथ न्याय कर पाना मुश्किल है।

अपनी पहली पत्नी के जिंदा रहते दूसरी शादी करने की इच्छा जताने वाले एक व्यक्ति के सवाल पर देवबंद ने कहा कि भारतीय परंपरा में दोनों पत्नियों के साथ न्याय कर पाना मुश्किल है।

देवबंद की ओर से कहा गया कि इस्लाम एक साथ दो पत्नियों की इजाजत देता है, लेकिन भारतीय परंपरा इसकी मंजूरी नहीं देती। उत्तर प्रदेश इमाम संगठन के प्रमुख मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि इस्लाम पति की ओर से बराबरी का दर्जा दिए जाने की शर्त पर दूसरी शादी की इजाजत तो देता है, लेकिन दोनों महिलाओं के साथ बराबरी का सलूक कर पाना मुश्किल है।
 
 
 
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