गुरुवार, 02 जुलाई, 2015 | 09:16 | IST
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हर पल सजग रहने की जरूरत: विशेषज्ञ
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:11-12-12 10:04 PM
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देश में लोकतंत्र का प्रतीक समझे जाने वाले भारतीय संसद पर हमले के 11 साल बीत जाने के बावजूद खतरा अभी टला नहीं है और विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी हमले से बचने के लिए हमें हर पल सजग रहने तथा अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने की जरूरत है।

रक्षा मामलों के विशेषज्ञ मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीपाकंर बनर्जी ने कहा कि संसद पर आतंकवादी हमले के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद प्रबंध किए हैं। इसके अंतर्गत सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई और साथ ही उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से भी लैस किया गया। उन्होंने कहा कि भारत की पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से लगती सीमा बहुत लंबी है जबकि दूसरी तरफ सीमा के उस पार बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आतंकवादी इस ताक में बैठे हैं कि कब मौका मिले और कब घुसपैठ करें।

उधर, रक्षा मामलों के विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) शंकर राय चौधरी का मानना है कि भारत ने इस हमले से कई सबक सीखे लेकिन क्रियान्वित एक भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि केवल नित नए संगठन बना देने से कुछ नहीं होगा बल्कि हमें सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वर्तमान संगठनों को मजबूत करना होगा।

 
 
 
 
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