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तोमर की मौत पर सवाल, यातायात में आज ढ़ील
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:26-12-12 02:50 PM
पुलिस ने आज इंडिया गेट और रायसीना हील पर यातायात में ढ़ील दे दी, पर इलाके में प्रदर्शनों पर निषेधाज्ञा आदेशों को जारी रखा गया है। प्रदर्शनों में घायल होने के बाद कल कांस्टेबल सुभाष चंद तोमर की मौत हो गयी थी। उनकी मौत के कारणों पर भी सवाल उठाये गये हैं।
पत्रकारिता के छात्र योगेंद्र ने पुलिस के उस तर्क पर सवाल उठाये हैं जिसमें बताया गया था कि कांस्टेबल सुभाष चंद तोमर की प्रदर्शनकारियों ने पिटाई की जिसके चलते उनकी मौत हो गयी। योगेंद्र का कहना है कि तोमर स्वयं ही गिर गये।
दिल्ली पुलिस ने इस विवाद में शामिल होने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि जब तक पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट बाहर नहीं आती वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
कल पुलिस आयुक्त ने कहा था कि तोमर को गर्दन, सीने और पेट में आंतरिक चोटें आयी थीं। उन्होंने कहा था कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिससे तोमर की मौत के सही कारण का पता लग सके।
इस बीच, आम आदमी पार्टी ने पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को हटाये जाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस आठ निर्दोष युवकों को गिरफ्तार कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
राम मनोहर अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि जब कांस्टेबल तोमर को अस्पताल लाया गया तो उनके शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। उनको ह्दयाघात आया था।
चश्मदीद योगेंद्र ने कहा कि वह अपनी एक मित्र के साथ इंडिया गेट पर था। उसने बताया कि मैनें एक पुलिसकर्मी को देखा, जो प्रदर्शनकारियों की ओर भाग रहा था और अचानक गिर गया। हम उसकी ओर बढे, उसके पास कुछ पुलिसकर्मी भी खड़े थे। अचानक से वह पुलिसकर्मी अन्य प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ गये।
योगेंद्र ने कहा कि मैं एक पीसीआर वैन की ओर बढ़ा, जिससे उसे अस्पताल ले जाया गया। मैं भी उनके साथ उसी वाहन में बैठकर गया। उनके शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। न ही उन्हें भीड़ द्वारा कुचला गया था न ही उन पर हमला किया गया। पुलिस के दावे झूठे हैं। मैं यह सुनकर हैरान हूं कि उनकी मौत के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
योगेंद्र के दावे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह दावा दिल्ली पुलिस के तर्कों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है। उधर, पार्टी के योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि टीवी के फुटेज में जो सामने आया है वह पुलिस के बयान से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने बताया कि पुलिस का यह दावा कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी पिटाई की और उन्हें कुचला गया जिसकी वजह से उनकी मौत हुयी गलत है। वीडियो में भी दिख रहा है कि वह खुद ही गिर गये।
आप के प्रवक्ता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी गलतियों को छिपाने के लिये इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है।
पत्रकारिता के छात्र योगेंद्र ने पुलिस के उस तर्क पर सवाल उठाये हैं जिसमें बताया गया था कि कांस्टेबल सुभाष चंद तोमर की प्रदर्शनकारियों ने पिटाई की जिसके चलते उनकी मौत हो गयी। योगेंद्र का कहना है कि तोमर स्वयं ही गिर गये।
दिल्ली पुलिस ने इस विवाद में शामिल होने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि जब तक पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट बाहर नहीं आती वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
कल पुलिस आयुक्त ने कहा था कि तोमर को गर्दन, सीने और पेट में आंतरिक चोटें आयी थीं। उन्होंने कहा था कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिससे तोमर की मौत के सही कारण का पता लग सके।
इस बीच, आम आदमी पार्टी ने पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को हटाये जाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस आठ निर्दोष युवकों को गिरफ्तार कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
राम मनोहर अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि जब कांस्टेबल तोमर को अस्पताल लाया गया तो उनके शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। उनको ह्दयाघात आया था।
चश्मदीद योगेंद्र ने कहा कि वह अपनी एक मित्र के साथ इंडिया गेट पर था। उसने बताया कि मैनें एक पुलिसकर्मी को देखा, जो प्रदर्शनकारियों की ओर भाग रहा था और अचानक गिर गया। हम उसकी ओर बढे, उसके पास कुछ पुलिसकर्मी भी खड़े थे। अचानक से वह पुलिसकर्मी अन्य प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ गये।
योगेंद्र ने कहा कि मैं एक पीसीआर वैन की ओर बढ़ा, जिससे उसे अस्पताल ले जाया गया। मैं भी उनके साथ उसी वाहन में बैठकर गया। उनके शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। न ही उन्हें भीड़ द्वारा कुचला गया था न ही उन पर हमला किया गया। पुलिस के दावे झूठे हैं। मैं यह सुनकर हैरान हूं कि उनकी मौत के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
योगेंद्र के दावे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह दावा दिल्ली पुलिस के तर्कों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है। उधर, पार्टी के योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि टीवी के फुटेज में जो सामने आया है वह पुलिस के बयान से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने बताया कि पुलिस का यह दावा कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी पिटाई की और उन्हें कुचला गया जिसकी वजह से उनकी मौत हुयी गलत है। वीडियो में भी दिख रहा है कि वह खुद ही गिर गये।
आप के प्रवक्ता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी गलतियों को छिपाने के लिये इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है।
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