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होगी न्यायिक जांच, मिलेगी सख्त सजा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:22-12-12 08:57 PMLast Updated:23-12-12 10:50 AM
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राजधानी दिल्ली में पैरा मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर देशभर में हो रहे आंदोलनों के आगे झुकते हुए सरकार ने मामले की जांच एवं महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के लिए उपाय सुझाने की खातिर न्यायिक आयोग का गठन करने घोषणा की। सरकार ने साथ ही यह भी संकेत दिया कि बलात्कार के लिए अधिकतम सजा बढ़ाकर फांसी की जा सकती है।

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन बढ़ने के बीच सरकार की ओर से उठाये जाने वाले श्रंखलाबद्ध कदमों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बलात्कार की घटना में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक करने के बाद कहा कि सरकार इस घिनौने अपराध पर आने वाली प्रतिक्रिया की समीक्षा के लिए जांच आयोग कानून 1952 के तहत एक जांच आयोग गठित करेगी। यह आयोग राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुधारने के लिए उपाय सुझाएगा।
 
बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की मांग के बीच शिंदे ने कहा कि इस तरह के अपराधों से निटपने के लिए कड़ा कानून बनाने की खातिर आपराधिक कानून में संशोधन के लिए कदम उठाये जाएंगे ताकि यौन उत्पीड़न के इस तरह के दुर्लभ से दुर्लभतम मामले में और अधिक प्रभावी सजा सुनिश्चित हो सके। बार-बार यह पूछे जाने पर कि बढ़ी हुई सजा का मतलब मौत की सजा है, उन्होंने कहा कि इस मामले में जटिल कानूनी मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि इस पर सरकार की ओर से निर्णय किये जाने से पहले इसे कानून मंत्रलय के साथ उठाकर विशेषज्ञों से सलाह मशविरा किया जाएगा।

शिंदे ने कहा कि मेरी तीन बेटियां हैं और आरपीएन सिंह की भी बेटियां हैं। ऐसा हमारी बेटियों के साथ भी हो सकता है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय करेगी।
शिंदे ने कहा कि जिस इलाके में यह वारदात हुई उस दिन वहां तैनात पांच पुलिसकर्मियों को ढिलाई बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा जिसके बारे में कर्तव्य निर्वहन में ढिलाई बरतने की बात सामने आएगी।

इस मामले पर चर्चा के लिए विपक्ष की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं नहीं समझता कि ऐसे में संसद का विशेष सत्र बुलाना आवश्यक है जब सत्र कुछ ही दिन पहले समाप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक पार्टियों को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।

इससे पहले शाम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री शिंदे से बात की थी और घटना में शामिल अपराधियों को उचित सजा सुनिश्चित करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा था।

 
 
 
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