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बिना ठेके हो रही थी गैस सप्लाई, दो लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान
First Published:06-12-12 09:53 AM
राजधानी दिल्ली के सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली निजी कंपनी पेस इंस्टालेशन प्राइवेट लिमिटेड का ठेका 11 महीने पहले ही खत्म हो गया था। बावजूद इसके यह कंपनी अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही थी।
पुलिस ने अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई देने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिवार को दो-दो लाख मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।
जाच में पता चला है कि ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन सप्लाई और मेंटिनेंस करने वाली प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। लेकिन क्या यह लापरवाही सिर्फ कंपनी की है क्या इस मामले में अस्पताल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं थी।
अस्पताल ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए इस पूरी घटना में कंपनी को ही दोषी ठहराया है। लेकिन मृतक मरीजों के परिजनों का कहना है कि ऑक्सीजन की सुचारू सप्लाई की जिम्मेदारी अस्पताल और डॉक्टरों दोनों पर ही बनती है, इसलिए डॉक्टरों के खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए।
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने से चार मरीजों की मौत हो गई थी। घटना के बाद आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर निजी कंपनी के कर्मचारी को घटना का जिम्मेदार ठहराया है। 18 साल से ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही कंपनी के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर सुरेश तलवार ने आरोपों से साफ इन्कार किया है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नवीनीकरण का कार्य दिल्ली सरकार का है। सरकार के पास फाइल भेजी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कंपनी के सुपरवाइजर मदनलाल शर्मा और टेक्नीशियन अमित सिंह कटोच को गिरफ्तार कर लिया गया है। चार डॉक्टरों सहित 16 लोगों से पूछताछ की गई है।
दूसरी तरफ, कंपनी सूत्रों का कहना है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति का दबाव निश्चित तौर पर गिरा था। आमतौर पर 50 से 60 पाउंड प्रति स्क्वायर इंच होना चाहिए, लेकिन उस समय यह 47 पर पहुंच गया था, जो अंतिम लिमिट 48 से भी नीचे था।
जब आइसीयू से कॉल आई तो एक मिनट के दौरान ऑक्सीजन के प्रेशर को 52 पाउंड प्रति स्क्वायर इंच कर दिया गया और अगले दस मिनट में स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल यह कंपनी एम्स तथा एम्स ट्रॉमा सेंटर में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है।
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