रविवार, 26 अक्टूबर, 2014 | 06:32 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    राजनाथ सोमवार को मुंबई में कर सकते हैं शिवसेना से वार्ता नरेंद्र मोदी ने सफाई और स्वच्छता पर दिया जोर मुंबई में मोदी से उद्धव के मिलने का कार्यक्रम नहीं था: शिवसेना  कांग्रेस ने विवादित लेख पर भाजपा की आलोचना की केन्द्र ने 80 हजार करोड़ की रक्षा परियोजनाओं को दी मंजूरी  कांग्रेस नेता शशि थरूर शामिल हुए स्वच्छता अभियान में हेलमेट के बगैर स्कूटर चला कर विवाद में आए गडकरी  नस्ली घटनाओं पर राज्यों को सलाह देगा गृह मंत्रालय: रिजिजू अश्विका कपूर को फिल्मों के लिए ग्रीन ऑस्कर अवार्ड जम्मू-कश्मीर और झारखंड में पांच चरणों में मतदान की घोषणा
किले में तब्दील हुआ दिल्ली का दिल, पुलिस बल तैनात
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:24-12-12 01:07 PMLast Updated:24-12-12 02:29 PM

दिल्ली के दिल ने आज तब एक किले की शक्ल ले ली, जब इंडिया गेट और रायसीना हिल के आस-पास के इलाकों पर प्रदर्शनों को रोकने के लिये भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि इस व्यवस्था के कारण रोज सफर करने वाले यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 
    
दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और कॉलेज जाने वाले छात्र छात्राओं को भी सड़क मार्गों के बंद होने और नौ मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी।
    
पिछले दो तीन दिन में हुये घटनाक्रम को देखते हुये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक अब प्रधानमंत्री के रेसकोर्स स्थित आवास पर होगी। आमतौर पर ऐसी बैठकें हैदराबाद हाउस पर होती हैं, जो इन प्रदर्शनों का मुख्यस्थल बने इंडिया गेट के पास है।
   
पुलिस ने रफी मार्ग को बंद कर दिया और अशोक रोड, कॉपरनिकस मार्ग पर एक तरफ का मार्ग ही खोला गया। रफी मार्ग और रायसीना हिल पर बैरीकेडिंग के कारण आस पास के दफ्तरों में काम करने वाले लोगों को भी अपने अपने पहचान पत्र दिखाने पड़े।
   
इंडिया गेट, रायसीना हिल और अन्य स्थानों पर भी मीडियाकर्मियों को जाने से रोका गया। राजीव चौक समेत नौ मेट्रो स्टेशन को बंद किये जाने की घोषणा मध्यरात्रि को होने के कारण काफी लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं हुयी और सुबह वह सुरक्षाकर्मियों से बहस करते हुये देखे गये।
    
कल भी राजीव चौक के अलावा आठ मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया था, पर रविवार का दिन होने के कारण इसका प्रभाव देखने को नहीं मिला था। सप्ताह के पहले दिन दफ्तरों के खुलने के कारण सैंकड़ों यात्री जगह जगह फंसे देखे गये।
    
कुछ ऑटो चालकों ने इसका पूरा लाभ उठाया और अधिक किराया मांगने लगे। कनॉट प्लेस पर एक कंपनी में काम करने वाले संजय सूरी ने बताया कि मुझे उद्योग भवन से जंतर-मंतर आना पड़ा। क्योंकि रफी मार्ग बंद था, इसलिये मुझे मदर क्रीसेंट रोड से आना पड़ा। मात्र पांच छह किलोमीटर के इस सफर के लिये मुझे दो सौ रुपये खर्च करने पड़े, यही सफर मैं 40 रुपये में तय करता हूं।
 
 
 
टिप्पणियाँ