रविवार, 26 अक्टूबर, 2014 | 10:38 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    शिक्षिका ने की थी गोलीबारी रोकने की कोशिश नांदेड-मनमाड पैसेजर ट्रेन के डिब्बे में आग,यात्री सुरक्षित दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हिंसा के बाद बाजार बंद, लगाया गया कर्फ्यू मनोहर लाल खट्टर आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, मोदी होंगे शामिल राजनाथ सोमवार को मुंबई में कर सकते हैं शिवसेना से वार्ता नरेंद्र मोदी ने सफाई और स्वच्छता पर दिया जोर मुंबई में मोदी से उद्धव के मिलने का कार्यक्रम नहीं था: शिवसेना  कांग्रेस ने विवादित लेख पर भाजपा की आलोचना की केन्द्र ने 80 हजार करोड़ की रक्षा परियोजनाओं को दी मंजूरी  कांग्रेस नेता शशि थरूर शामिल हुए स्वच्छता अभियान में
तोमर की मौत पर दिल्ली पुलिस को HC का नोटिस
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:04-01-13 03:23 PM
Image Loading

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पुलिस कांस्टेबल की मौत के मामले में निरुद्ध किए गए आठ लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए शु्क्रवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया।

न्यायाधीश जे. पी. मित्तल ने दिल्ली पुलिस को भी नोटिस जारी किया है और उसे एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

न्यायाधीश मित्तल ने कहा कि याचिका मंजूर की जाती है। केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को पुलिस आयुक्त की ओर से नोटिस जारी किया जाए। पुलिस को इस मामले में एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश करे। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

आरोपी बनाए गए सभी आठ ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वे बेकसूर हैं और उन्हें गत 23 दिसम्बर को इंडिया गेट के पास हुए हिंसक प्रदर्शन में कथित तौर पर शामिल होने के सम्बंध में गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल तोमर घायल हो गए थे और 25 दिसम्बर को अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

आरोपियों के वकील सोमनाथ भारती ने न्यायालय में कहा कि समाचार चैनलों के वीडियो फुटेज और दो प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आठों लोग बेकसूर हैं। 

न्यायालय ने आरोपी बनाए गए कैलाश जोशी, अमित जोशी, नफीस, शंकर बिष्ट, नंद कुमार, शांतनु कुमार, अभिषेक और चमन कुमार को 24 दिसम्बर को जमानत पर रिहा कर दिया था।

ज्ञात हो कि तोमर की मौत के बाद इन सभी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था और पूछताछ के लिए अपराध शाखा को सौंप दिया गया था।

 
 
 
 
टिप्पणियाँ