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मुश्किल था पीड़िता का सदमे से उबरना
सिंगापुर, एजेंसी First Published:29-12-12 02:51 PM
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दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई लड़की की सिंगापुर के अस्पताल में मौत के बाद अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि पीड़िता का सदमे से उबर पाना काफी मुश्किल था। उसने शनिवार तड़के दम तोड़ दिया।

पीडिम्ता (23 वर्ष) को गत गुरुवार दिल्ली से सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल लाया गया था और यहां आठ विशेषज्ञों की एक टीम उसकी जान बचाने की हर सम्भव कोशिश की। अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि बीते दो दिनों से लड़की की हालत काफी खराब थी। 

समाचार पत्र 'स्ट्रेट्स टाइम्स' ने अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केल्विन लोह के हवाले से बताया कि शरीर और मस्तिष्क में गम्भीर चोटें लगने की वजह से पीडिम्ता के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

लोह ने कहा कि वह इतने लम्बे समय तक तकलीफों के बावजूद जीवन के लिए साहस से संघर्ष करती रही, लेकिन उसके लिए शरीर पर आई चोटों के सदमे से उबर पाना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि हम लड़की के अंतिम संघर्ष के दौरान उसकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपे जाने के लिए आभारी हैं।

उन्होंने बताया कि हम लड़की के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हैं और इस दुख के समय में उसके परिवार को सम्भव मदद प्रदान करने के लिए भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर काम भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल लाए जाने के समय से ही पीड़िता की हालत बेहद गम्भीर थी।

ज्ञात हो कि गत 16 दिसम्बर को छह लोगों ने पीड़िता के साथ चलती बस में दुष्कर्म किया और 40 मिनट बाद उसे सड़क के किनारे छोड़ दिया था।

 
 
 
 
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