गुरुवार, 30 अक्टूबर, 2014 | 19:15 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
प्रख्यात साहित्यकार रॉबिन शॉ पुष्प नहीं रहेन्यायालय ने गुमशुदा बच्चों के मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर बिहार और छत्तीसगढ़ सरकारों को आड़े हाथ लिया।सरकार 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए 3,325 लोगों में से प्रत्येक के नजदीकी परिजन को पांच़-पांच लाख देगीमहाराष्ट्र की नई सरकार में शिवसेना के किसी नेता को शामिल नहीं किया जाएगा: राजीव प्रताप रूडी
'छात्रा की मौत से भारत में यौन हिंसा के मामले उजागर'
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:29-12-12 02:06 PM
Image Loading

ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत की घटना ने भारत में यौन हिंसा के मामलों की याद ताजा कर दी है।

ह्यूमन राइट्स वॉच दक्षिण एशिया की अध्यक्ष मीनाक्षी गांगुली ने कहा कि 23 वर्षीया पैरामेडिकल छात्रा की मौत से पहले एक 17 वर्षीय लड़की ने दुष्कर्म की शिकायत पर पुलिस के लापरवाह रवैये से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

गांगुली ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इन घटनाओं को देखते हुए कानून में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। यौन उत्पीड़न को हर रूप में अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। कानूनों के कार्यान्वयन और उत्तरदायित्व के लिए व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की जरूरत है, ताकि पीड़िता को चुपचाप अत्याचार सहने को मजबूर न होना पड़े। और उसे अपमानित या दोषी न ठहराया जाए।

यह थोड़ा मुश्किल है लेकिन प्रभावी हल होगा कि यौन हिंसा के मामलों में पुलिस, डाक्टर, वकील और न्यायाधीश प्रक्रिया में सुधार की ओर ध्यान दें।

 

 
 
 
टिप्पणियाँ