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दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता का सिंगापुर के अस्पताल में निधन
नई दिल्ली/सिंगापुर, लाइव हिन्दुस्तान/एजेंसी First Published:29-12-12 08:14 AMLast Updated:29-12-12 08:56 AM

पिछले 13 दिनों से जिंदगी के लिए जूझ रही दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की शिकार 23 वर्षीय पीड़ित युवती का सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में आज भारतीय समयानुसार सुबह दो बजकर 15 मिनट पर निधन हो गया।
   
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अपने इलाज के दौरान अधिकतर समय वेंटिलेटर पर रखी गई पीड़ित को गुरुवार सुबह एक एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया था। उसके साथ डॉक्टरों का एक दल और उसके परिवार के सदस्य भी थे।
   
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि मरीज माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष में बहुत नाजुक हालत में लाई गई थी। प्रवक्ता ने कहा कि उसकी जांच चल रही थी और अस्पताल भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर काम कर रहा था।
   
युवती को भारत से बाहर ले जाने का निर्णय भारत सरकार के सबसे ऊपरी स्तर पर लिया गया। सरकार ने घोषणा की थी कि वह युवती के इलाज पर होने वाला पूरा खर्च वहन करेगी।
   
गत 16 दिसंबर को युवती के साथ एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया, उसे बर्बरता से मारा-पीटा गया और बस से बाहर फेंक दिया गया। उसकी तीन बार सर्जरी की गई, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी रही।
   
उच्चायोग ने बाद में एक बयान में कहा था कि लड़की को अस्पताल में पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। बयान में कहा गया था कि हम सभी चिंतित लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मरीज की पूरी चिकित्सीय देखभाल की जा रही है और उच्चायोग उसके परिवार को भी हर संभव मदद दे रहा है।
   
यह बहु-अंग प्रत्यारोपण विशेषज्ञता वाला अस्पताल 1973 में स्थापित हुआ था। यह 373 बिस्तरों का अस्पताल है और एशिया के बेहतरीन अस्पतालों में शुमार किया जाता है।

इस घटना के विरोध में देशभर में विद्यार्थी और अन्य लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपराधियों को मौत की सजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। सभी छह आरोपी इस वक्त पुलिस गिरफ्त में हैं।

बलात्कार की शिकार 23 वर्षीय छात्रा के संबंध में अस्पताल का कहना था कि उसके सिर में गंभीर जख्म हैं, फेंफड़ों और पेट में संक्रमण है और वह तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ रही थी।

कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने जोर देकर कहा है कि बर्बर सामूहिक बलात्कार मामले के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में समय व्यर्थ नहीं किया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

 
 
 
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