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दलित महिलाओं के साथ ज्यादा यौन हिंसा: शरद यादव
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:07-01-13 03:54 PM
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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक एवं जद(यू) के अध्यक्ष शरद यादव ने आज कहा कि महिलाओं के साथ बढ़ती यौन हिंसा के कई कारण हैं, पर दलित एवं कमजोर वर्ग की महिलाओं के साथ समाज में इस तरह की घटनाएं अधिक हो रही हैं, पर देश में बलात्कार को लेकर चल रही बहस में जाति के प्रश्न पर गहरी चुप्पी छाई हुई है।

यादव ने बलात्कार के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान को सतही बताया, पर उन्होंने यह भी कहा कि देश में इस मुद्दे पर कई तरह के बयान आ रहे हैं और वह इन बयानों में पडना नहीं चाहते।

उन्होंने इस बात का भी खंडन किया कि उन्होंने शारीरिक भूख मिटाने की बात बलात्कार के संदर्भ में कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने संदर्भ से काटकर उनकी बात पेश की है।
 
राजग संयोजक ने अपने निवास पर पत्रकारों से कहा कि 16 दिसंबर को राजधानी में पैरामेडिकल छात्रा के साथ जो कुछ हुआ. वह अत्यंत बर्वर तथा अमानवीय घटना है जिसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है।

पर उस दिन के बद देश भर में जो बहस चल रही है, उसको लेकर मीडिया में कोई यह सवाल नहीं उठा रहा है कि समाज में सदियों से जाति व्यवस्था के कारण स्त्रियों को दबाया जाता रहा है और इसलिए वे इस तरह की हिंसा की शिकार हो रही हैं।
 
उन्होंने कहा कि बच्चियों, लड़कियों और महिलाओं के साथ भेदभाव देश के विभिन्न हिस्सों में जारी है पर हमारे देश की व्यवस्था चाहे वह पुलिस हो, नौकरशाही हो, न्यायपालिका हो और कार्यपालिका या मीडिया हो, सब जगह जाति-व्यवस्था काम कर रही है।

जब तक अर्न्तजातीय विवाह नहीं होंगें, तब तक इस तरह की हिंसा कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो दलित और कमजोर वर्ग की महिलाएं हैं, उनके साथ ज्यादा ज्यादती हो रही है।

 
 
 
 
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