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दिल्ली में दरिंदगी की घटना पर जांच आयोग गठित
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:26-12-12 03:44 PMLast Updated:26-12-12 04:08 PM
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दिल्ली में एक छात्र के साथ दरिंदगी की घटना को लेकर उठे राष्ट्रव्यापी जनाक्रोश से स्तब्ध सरकार ने स्थिति को संभालने की ताबडतोड़ कोशिशों का सिलसिला जारी रखते हुए बुधवार को इस पूरे मामले की जांच और पुलिस की खामी का पता लगाने के लिए एक सदस्यीय जांच आयोग गठित करने की घोषणा की।
 
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ऊषा मेहरा के नेतृत्व एक सदस्यीय जांच आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री पी चिदंबरम और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि जांच आयोग से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
 
ऊषा मेहरा आयोग दिल्ली की छात्र के साथ 16 दिसंबर को हुई जघन्य वारदात के तमाम पहलुओं को जोड़ते हुए अपनी रिपोर्ट देगा और यह भी देखगा कि पुलिस या अन्य एजेंसियों की किन खामियों के चलते यह वारदात हो गई। सरकार ने आयोग से इस घटना की जिम्मेदारी भी तय करने करने को कहा है। श्री चिदंबरम ने बताया कि दरिंदगी का शिकार हुई छात्र का बयान रिकॉर्ड करने को लेकर सामने आए विवाद की गृह मंत्रालय अंदरूनी जांच करा रहा है और सरकार उसकी रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहने की स्थिति में होगी।

 
 
 
 
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