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महिला उत्पीड़न मामलों की त्वरित सुनवाई हो: कबीर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:07-01-2013 05:19:00 PMLast Updated:07-01-2013 10:52:47 PM
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राजधानी में चलती बस में पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ हुए नृशंस सामूहिक बलात्कार को लेकर देश में बचे बवाल की पृष्ठभूमि में उच्चतम नयायालय के मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर ने सभी उच्च न्यायालयों से बलात्कार और महिला उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देने को कहा है।
 
न्यायमूर्ति कबीर ने देश के सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर महिला उत्पीड़न और बलात्कार संबंधी मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने को कहा है। न्यायाधीश ने कहा कि उच्च न्यायालयों एवं निचली अदालतों में ऐसे मामलों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति कबीर ने लिखा है कि महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न के अनेक मामले लंबित है और हाल के सालों में ऐसे मामलों की संख्या काफी बढ़ी है। उन्होंने लिखा है कि ऐसे मामलों में बढ़ोत्तरी के लिए सुनवाई में होने वाली देरी भी एक प्रमुख कारण हो सकता है।

उन्होंने लिखा है कि अब समय आ गया है कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई हो, अन्यथा महिलाओं के खिलाफ हिंसा एवं उत्पीड़न के मामलों को रोकने के प्रयासों में हम असफल हो जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश ने लिखा है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालत गठित करने का कदम तत्काल उठाया जाना चाहिए। इस बीच मौजूदा न्यायिक अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जा सकती है, ताकि नई अदालतों के गठन एवं रिक्तियां भरे जाने तक इन मामलों का निपटारा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने लिखा है कि उच्च न्यायालयों एवं अधीनस्थ अदालतों में बडी संख्या में पद रिक्त हैं और यह आवश्यक है कि इन रिक्तियों को यथाशीघ्र भरा जाए। न्यायमूर्ति कबीर ने लिखा है कि आप यह सुनिश्चित करें कि उच्च न्यायालयों एवं जिला अदालतों के स्तर पर महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई त्वरित आधार पर की जाए।

 
 
 
 
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