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अकेले मां बच्चों को गोद नहीं दे सकती है: अदालत
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:09-12-12 01:43 PM
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दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि पिता की सहमति के बगैर ही अकेले मां अपने बच्चों को गोद नहीं दे सकती है और कानून की नजर में ऐसा करना अवैध है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने पत्नी और नाबालिग पुत्री के लिए गुजारा भत्ते के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इस व्यक्ति का कहना था कि उसकी पत्नी ने कथित रूप से बच्ची को दूसरे को गोद दे दिया है।

अदालत ने कहा कि यदि इस महिला ने किसी अन्य को बच्ची को गोद दे दिया है तो यह व्यक्ति इस कार्यवाही को चुनौती दे सकता है और अपनी पुत्री को वापस पा सकता है, लेकिन फिर उसे इसका लालन पालन करना होगा।

हिन्दू दत्तक और गुजारा भत्ता कानून के तहत हिन्दुओं में बच्चा गोद लेने से सबंधित कानून पर विचार करते हुये अदालत ने कहा कि यदि पिता जीवित है तो अकेले उसे ही बच्चा गोद देने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने कहा कि मां को स्वतंत्र रूप से बच्चों को किसी अन्य को गोद देने का अधिकार नहीं है और गोद देने की ऐसी प्रक्रिया कानून की नजर में अवैध है।

 
 
 
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