गुरुवार, 03 सितम्बर, 2015 | 12:18 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
सीबीडीटी ने सर्कुलर जारी कर कहा कि न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) एफआईआई-एफपीआई पर लागू नहीं।भारतीय रेलवे में 8.5 लाख करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा: वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा।मुरादाबाद: रेडिको प्रबंधन और ठेकेदार समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, गैर इरादतन हत्या के आरोप में हुआ मुकदमालखीमपुर खीरी: ईसानगर में महिला को जंगल में खींच ले गए बदमाश, कई थानों की पुलिस के साथ रात घेराबन्दी में जुटे रहे गांववालेअमरोहा के गांव बीझनपुर में किशोरी से रेप, खेत की रखवाली कर रहे युवक ने किया रेप
ट्रासपोर्ट मंदी से नवंबर में ट्रक भाड़ा 4 से 5 प्रतिशत घटा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:01-12-2012 05:55:46 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

देश के लंबे मार्गों के लिए नवंबर माह में ट्रक भाड़ा चार से पांच प्रतिशत तक घट गया। छोटी औद्योगिक इकाईयों में कामकाज घटने से माल ढुलाई की मांग हल्की पड़ने से मुंबई, नागपुर, कोलकाता, गुवाहटी, कांडला, बैंगलुरु जैसे लंबे मार्गों के लिए ट्रक भाड़ा चार से पांच प्रतिशत तक घट गया।

भारतीय ट्रांसपोर्ट अनुसंधान एवं प्रशिक्षण फाउंडेशन (आईएफटीआरटी) की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ट्रक भाड़ा गिरना शुरू हुआ। पहले पखवाड़े में दिवाली त्योहार से भाड़े स्थिर रहे, उसके बाद इनमें 4 से 5 प्रतिशत तक गिरावट आ गई।

देश में इस समय 60 लाख ट्रक और 25 लाख ट्रासपोर्ट फर्म हैं जो कि सालाना चार लाख करोड़ रुपए के माल का परिवहन करती हैं। फाउंडेशन ने सरकार से अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के उपाय तेज करने का आग्रह किया है।

फाउंडेशन ने कहा है कि सरकार को ढांचागत परियोजनाओं के क्षेत्र में खर्च बढ़ाने के साथ साथ उपभोक्ता खर्च को भी प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए और ट्रक ट्रासपोर्ट को भी इसका लाभ मिले।

फाउंडेशन के वरिष्ठ सहयोगी और समन्वयक एसपी सिंह के अनुसार ट्रक मालिकों के लिए गेहूं, चावल निर्यात, घरेलू बाजार में सीमेंट, टाइल्स, सैनिटरी उत्पाद, औषधि, तेल साबुन और दूसरे सौंदर्य प्रसाधन तथा फल एवं सब्जियों की ढुलाई मांग का सहारा रहा, अन्यथा भाड़े और भी नीचे आ सकते थे।

उन्होंने बताया कि लघु एवं मझोली औद्योगिक इकाईयां (एमएसई) जहां से समूचे औद्योगिक क्षेत्र का 70 प्रतिशत माल ढुलाई के लिए मिलता है कठिन दौर से गुजर रहा है। इन इकाइयों में माल का ढेर लगा हुआ है, उठाव नहीं है। इसका असर ट्रांसपोर्टरों पर भी पड़ रहा है।

बहरहाल, ट्रांसपोर्टरों ने नए ट्रक खरीदने से हाथ रोका हुआ है। वाहन निर्माताओं की तरफ से कई तरह के प्रोत्साहन मिलने के बावाजूद नए ट्रक की खरीद नहीं हो रही है। ट्रक मालिक अभी 2008-09 की मंदी भूले नहीं हैं।

दिल्ली-मुंबई-दिल्ली ट्रक भाड़ा (फुल ट्रक लोड 16.2 टन जीवीडब्ल्यू) दो नवंबर 2012 को जहां 56,500 रुपए प्रति चक्कर था वहीं पहली दिसंबर 2012 को यह 54,300 रुपए बोला जा रहा है। दिल्ली-नागपुर-दिल्ली के लिये यह 53,700 से घटकर 51,000 रुपए रह गया। दिल्ली-कोलकाता़-दिल्ली चक्कर का भाड़ा 58,000 रुपए से घटकर 55,700 रुपए रह गया। दिल्ली-चेन्नई-दिल्ली 87,000 से घटकर 83,500 रुपए और दिल्ली-कांडला-दिल्ली का ट्रक भांड़ा 43,000 से घटकर 41,300 रुपए प्रति चक्कर पर आ गया है।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingसंगाकारा का ट्विटर हुआ हैक, आपत्तिजनक ट्वीट के लिए मांगी माफी
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर को हाल ही में अलविदा कहने वाले श्रीलंका के दिग्गज विकेटकीपर/बल्लेबाज कुमार संगाकारा ने बुधवार को कहा कि उनका ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया गया था।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड Others
 
Image Loading

जब संता गया बैंक लूटने...
संता बैंक में डकैती डालने पहुंचा मगर रिवॉलवर घर पर ही भूल गया...
मगर बैंक फिर भी लूट लाया बताओ कैसे?
क्योंकि बैंक मैनेजर बंता था...
बंता: (संता से बोला) कोई बात नहीं...पैसे ले जाओ रिवॉलवर कल दिखा जाना!!