बुधवार, 27 मई, 2015 | 07:14 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    दिल्ली विधानसभा: विशेष सत्र में हंगामा, बीजेपी विधायक को बाहर निकाला  यूपी: गर्मी का कहर जारी, राहत के आसार नहीं इस रेस्टोरेंट में आने वालों को बनना पड़ता है कैदी प्रतापगढ़ में रोडवेज के कैशियर की हत्या कर साढ़े सात लाख की लूट  सलमान को दुबई जाने के लिए कोर्ट से मिली अनुमति वसीम रिजवी शिया वक्फ बोर्ड के फिर चेयरमैन साहित्यिक चोरी के आरोप में 'पीके' के निर्माताओं को नोटिस 9 अधिकारियों के तबादले के बाद एलजी से मिले केजरीवाल  कांग्रेस के दस साल पर भारी भाजपा का एक साल: स्मृति दुनिया कर रही हरमन की तारीफ, किसी ने भेजा कार्ड तो किसी ने फर्नीचर
हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में वीरभद्र सिंह ने ली शपथ
शिमला/नई दिल्ली, एजेंसी First Published:25-12-12 10:04 AMLast Updated:25-12-12 12:13 PM
Image Loading

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। वह रिकॉर्ड छठीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।

हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल उर्मिला सिंह ने उन्हें शपथ दिलाई। वह 16 वर्ष से अधिक समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। वीरभद्र (78) ने हजारों समर्थकों की मौजूदगी में सुबह 10.40 बजे हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

उन्होंने सबसे पहले आठ अप्रैल, 1983 को पदभार सम्भाला था। उन्होंने ठाकुर राम लाल का स्थान लिया था। वीरभद्र का ताल्लुक पूर्व शाही राज्य रामपुर बुशहर से है। वह 28 वर्ष की उम्र में राजनीति में दाखिल हुए।   

राज्य की 68 सीटों की विधानसभा में कांग्रेस के 36 विधायक हैं और एक निर्दलीय विधायक ने पार्टी को बिना शर्त के समर्थन दिया है।
   
वीरभद्र 1983 से 1985, 1985 से 1990, 1993 से 1998 और 2003 से 2007 तक मुख्यमंत्री रहे हैं। अपने पांच दशकों के राजनीतिक करियर में वीरभद्र सात बार विधायक, पांच बार सांसद और पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
   
उन्होंने कहा कि सभी वर्गों, क्षेत्रों, युवाओं और बुजुर्गों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जायेगा।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
Image Loadingधौनी से कप्तानी के गुर सीखे : होल्डर
वेस्टइंडीज की वनडे टीम के युवा कप्तान जैसन होल्डर को लगता है कि चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ बिताये गये दिनों में उन्हें किसी और से नहीं बल्कि भारत के सीमित ओवरों की टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से कप्तानी के गुर सीखने को मिले थे।