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बच्चे पर धर्म नहीं थोपा जा सकता: कोर्ट
मुंबई, एजेंसी First Published:08-12-2012 05:15:51 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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एक ईसाई पिता और हिंदू मां की संतान, तीन वर्षीय बच्ची की रोमन कैथोलिक के तौर पर परवरिश करने के लिए संरक्षण में देने के उसके पिता के परिवार के आग्रह को खारिज करते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि बच्चे पर धर्म नहीं थोपा जा सकता।

बच्ची के पिता ने अपनी पत्नी की छुरा मार कर हत्या कर दी थी और अब वह जेल की सजा काट रहा है। बच्ची के पिता, उसकी बुआ और बच्ची के नाना ने उसके संरक्षण का जिम्मा लेने के लिए याचिकाएं दाखिल की थीं। पिता और बुआ का कहना है कि वह बच्ची की परवरिश रोमन कैथोलिक तरीके से करना चाहते हैं। उनके अनुसार, कैथोलिक रस्में पूरी करनी चाहिए और बच्ची की पढ़ाई कॉन्वेन्ट स्कूल में होनी चाहिए जहां उसे ईसाई धर्म के आदर्शों के बारे में बताया जाएगा।

न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने अपनी व्यवस्था में कहा कि बच्ची पर कोई धर्म थोपा नहीं जा सकता और धर्म के मत से बच्ची को दूर रखना उसके ही हित में होगा ताकि उसका बचपन बिना किसी बंदिश और तनाव के रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची अपनी नाना नानी के परिवार में घुलमिल चुकी है और उसके संरक्षण में उसके पिता के कहने पर व्यवधान पहुंचाने का कोई कारण नहीं है।

 
 
 
 
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