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दुष्कर्म के अपराधियों को फांसी की सजा भी कम: रमन
रायपुर, एजेंसी First Published:08-01-13 03:01 PMLast Updated:08-01-13 03:34 PM
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि दुष्कर्म जैसे घिनौने अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए फांसी की सजा भी कम होगी और ऐसे लोगों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
    
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य के कांकेर जिले में आदिवासी कन्या छात्रावास की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना की मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कठोर शब्दों में भर्त्सना की है। उन्होंने कहा है कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए फांसी की सजा भी कम होगी और ईश्वर भी उन्हें माफ नहीं करेंगे। उन्हें कठोर से कठोर दण्ड मिलना चाहिए।
    
सिंह ने कहा कि अगर इस प्रकार का अपराध शिक्षा जैसे पवित्र कार्य से जुड़ा कोई व्यक्ति कर रहा है, तो उसे शिक्षाकर्मी अथवा शिक्षक कहलाने का भी नैतिक अधिकार नहीं रह जाता है।
    
अधिकारियों ने बताया कि इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच के बाद मामले में दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई भी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने कांकेर के प्रभारी सहायक आयुक्त और नरहरपुर के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
    
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर कांकेर की कलेक्टर अलरमेल मंगई डी़ ने प्रशासनिक जांच के बाद संबंधित आश्रम शाला के पांच कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इनमें आश्रम शाला की अधीक्षिक के पद पर कार्यरत महिला शिक्षाकर्मी सहित एक पुरुष शिक्षाकर्मी तथा दैनिक वेतन पर कार्यरत एक चौकीदार, एक चपरासी और एक रसोईया शामिल है।

इस बीच, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और कांकेर जिले की प्रभारी मंत्री लता उसेण्डी, कांकेर की विधायक सुमित्रा मारकोले, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष यशवंत जैन, बस्तर राजस्व संभाग के कमिश्नर दुर्गेश चन्द्र मिश्र और कलेक्टर अलरमेल मंगई डी ने टना से संबंधित गांव में पहुंचकर आश्रम का दौरा किया।
    
उन्होंने बालिकाओं, उनके अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों से टना के बारे में पूरी जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अधिकारियों को आश्रम शाला की व्यवस्था सुधारने और बालिकाओं की सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के निर्देश दिए।
    
अधिकारियों ने बताया कि कांकेर जिले की कलेक्टर ने आज जिले में सभी विभागों के कन्या आश्रमों और कन्या छात्रावासों के निरीक्षण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अलग-अलग निरीक्षण टीमों का गठन किया है। इन्हें 15 दिनों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

 
 
 
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