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देश में 1.87 करोड़ आवास की कमी
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-12-2012 09:21:28 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

केन्द्रीय आवासीय एवं शहरी गरीबी अपशमन मंत्री अजय माकन ने बताया कि मंत्रालय द्वारा गठित तकनीक समूह की रिपोर्ट के अनुसार बारहवीं पंचवर्षीय योजना के प्रारंभ में 1.87 करोड़ आवासीय कमी को पूरा करना नीति निर्माताओं और उद्योग के सामने एक बड़ी चुनौती है।

माकन ने कहा कि जब तक उच्च फ्लोर एरिया रेशो और जनंसख्या घनत्व का उदार मानक नहीं अपनाया जाता, हम आवासीय कमी को पूरा नहीं कर पाएंगे। माकन ने ये बातें गुरुवार को वास्तुकला, निर्माण एवं इंजीनियरिंग सलाहकारों के एक सम्मेलन एसटेक -2012 (एसीईटीईसीएच) के उद्घाटन सत्र में कही।

देश में 1.878 करोड़ घरों का लक्ष्य हासिल करने की रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए माकन ने बताया कि उनके मंत्रालय ने यह उद्देश्य हासिल करने के लिए रणनीति लागू करना शुरू कर दिया है। चूंकि आवासीय कमी, वहन करने योग्य आवासीय क्षेत्र में ज्यादा है इसलिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपए की प्रारंभिक राशि से क्रेडिट रिस्क गारंटी फंड ट्रस्ट की स्थापना की घोषणा की है ताकि आसान शर्तों पर गृह ऋण मिल सके। इससे आर्थिक रूप से कमजोर तबकों/ निम्न आय समूहों से जुड़े लोग बिना किसी तीसरे पक्ष की गारंटी या ऋणाधार के पांच लाख रुपए तक का ऋण पा सकते हैं।

आवासीय कमी को दूर करने की रणनीति के तहत सरकार ने राज्यों और नगरपालिकाओं के जरिए राजीव आवास योजना के दूसरे चरण में और अधिक धन लगाने की योजना बनाई है। अजय माकन ने कहा कि वे 45 हजार करोड़ रुपए लगाने जा रहे हैं और उम्मीद है कि राज्य सरकारें भी इतनी ही राशि का योगदान करेंगी जिससे बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आवासीय निर्माण के लिए 90 हजार करोड़ रुपए उपलब्ध होंगे।

 
 
 
 
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