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एयरसेल-मैक्सिस सौदे पर राज्यसभा में हंगामा
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:14-05-12 04:08 PM
Last Updated:14-05-12 04:37 PM
एयरसेल-मैक्सिस सौदे को लेकर सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष ने गृह मंत्री पी चिदंबरम को निशाने पर लेते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की बैठक को दो बार स्थगित करना पड़ा। जबकि चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि उनका या उनके परिवार के किसी सदस्य का एयरसेल-मैक्सिस सहित किसी भी दूरसंचार कंपनी में कोई अंशपूंजी नहीं है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद विपक्ष के नेता अरुण जेटली द्वारा इस संबंध में उठाये गये मुद्दे के जवाब में गृह मंत्री चिदंबरम ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंस्लटिंग कंपनी के बही खातों की जांच कर यह पता लगा सकते हैं कि क्या उसका (कंपनी का) एयरसेल मैक्सिस को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को मंजूरी देने से कोई संबंध है।
उन्होंने सभी आरोपों से इंकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनका या उनके परिवार के किसी सदस्य का एयरसेल-मैक्सिस सहित किसी भी दूरसंचार कंपनी में कोई अंशपूंजी नहीं है तथा न ही कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है।
चिदंबरम के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट अन्नाद्रमुक सहित विपक्ष ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बयान की मांग को लेकर भोजनावकाश के बाद हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के कारण बैठक पहले 15 मिनट के लिए फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर तीन बजे बैठक फिर शुरू होने पर वित्त मंत्री मुखर्जी ने सदन में आकर लगभग वही बयान दिया जो सुबह चिदंबरम ने दिया था। उन्होंने बयान के बाद यह आश्वासन दिया कि वह सदस्यों के स्पष्टीकरण का बाद में जवाब देंगे।
इससे पूर्व चिदंबरम ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि एयरसेल-मैक्सिस को एफआईपीबी मंजूरी देने में किसी भी स्तर पर कोई देरी हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में दो आवेदन आए थे जिन्हें क्रमश: 49 दिनों और 40 दिनों में मंजूरी दे दी गयी। उन्होंने कहा कि आम तौर पर इस प्रक्रिया में छह हफ्ते से छह महीने तक का समय लगता है।
इसके पहले जेटली ने स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि एफआईपीबी द्वारा एयरसेल-मैक्सिस को दी गयी मंजूरी संदेहास्पद है। एयरसेल-मैक्सिस का आसब्रिज के साथ व्यावसायिक लेनदेन हुआ। आसब्रिज में चिदंबरम के पुत्र का पूर्व में स्वामित्व रह चुका है। उन्होंने कहा कि आसब्रिज होल्डिंग्स और एयरसेल मैक्सिस में शेयरभागिता रखने वाले इंवेस्टमेंट एंड एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंस्लटिंग का वर्ष 2006 में ईमेल और वेब पता समान था।
दोनों कंपनियों के वेबसाइट पते एक होने के आरोपों पर चिंदबरम ने कहा कि यदि उनके वेबसाइट पते समान हैं तो मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा कि यदि 2006 में समान वेबसाइट पता है तो उसकी क्या प्रासंगिकता है।
गृह मंत्री ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा है कि एडवांटेज और आसब्रिज के प्रवर्तक एक दूसरे को नहीं जानते थे। दोनों ही चेन्नई में थे और व्यवसाय कर रहे थे। युवा लोग वैध व्यवसाय करने के हकदार हैं।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद विपक्ष के नेता अरुण जेटली द्वारा इस संबंध में उठाये गये मुद्दे के जवाब में गृह मंत्री चिदंबरम ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंस्लटिंग कंपनी के बही खातों की जांच कर यह पता लगा सकते हैं कि क्या उसका (कंपनी का) एयरसेल मैक्सिस को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को मंजूरी देने से कोई संबंध है।
उन्होंने सभी आरोपों से इंकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनका या उनके परिवार के किसी सदस्य का एयरसेल-मैक्सिस सहित किसी भी दूरसंचार कंपनी में कोई अंशपूंजी नहीं है तथा न ही कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है।
चिदंबरम के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट अन्नाद्रमुक सहित विपक्ष ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बयान की मांग को लेकर भोजनावकाश के बाद हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के कारण बैठक पहले 15 मिनट के लिए फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर तीन बजे बैठक फिर शुरू होने पर वित्त मंत्री मुखर्जी ने सदन में आकर लगभग वही बयान दिया जो सुबह चिदंबरम ने दिया था। उन्होंने बयान के बाद यह आश्वासन दिया कि वह सदस्यों के स्पष्टीकरण का बाद में जवाब देंगे।
इससे पूर्व चिदंबरम ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि एयरसेल-मैक्सिस को एफआईपीबी मंजूरी देने में किसी भी स्तर पर कोई देरी हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में दो आवेदन आए थे जिन्हें क्रमश: 49 दिनों और 40 दिनों में मंजूरी दे दी गयी। उन्होंने कहा कि आम तौर पर इस प्रक्रिया में छह हफ्ते से छह महीने तक का समय लगता है।
इसके पहले जेटली ने स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि एफआईपीबी द्वारा एयरसेल-मैक्सिस को दी गयी मंजूरी संदेहास्पद है। एयरसेल-मैक्सिस का आसब्रिज के साथ व्यावसायिक लेनदेन हुआ। आसब्रिज में चिदंबरम के पुत्र का पूर्व में स्वामित्व रह चुका है। उन्होंने कहा कि आसब्रिज होल्डिंग्स और एयरसेल मैक्सिस में शेयरभागिता रखने वाले इंवेस्टमेंट एंड एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंस्लटिंग का वर्ष 2006 में ईमेल और वेब पता समान था।
दोनों कंपनियों के वेबसाइट पते एक होने के आरोपों पर चिंदबरम ने कहा कि यदि उनके वेबसाइट पते समान हैं तो मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा कि यदि 2006 में समान वेबसाइट पता है तो उसकी क्या प्रासंगिकता है।
गृह मंत्री ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा है कि एडवांटेज और आसब्रिज के प्रवर्तक एक दूसरे को नहीं जानते थे। दोनों ही चेन्नई में थे और व्यवसाय कर रहे थे। युवा लोग वैध व्यवसाय करने के हकदार हैं।
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