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भूमि अधिग्रहण विधेयक को मंत्रिमंडल की हरी झंडी
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:13-12-12 10:10 PMLast Updated:13-12-12 11:38 PM
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आखिरकार गुरुवार को विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक को हरी झंडी दे दी।  विधेयक में निजी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होने पर क्षेत्र के 80 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का अनिवार्य प्रावधान किया गया है।

सार्वजनिक़-निजी साझीदारी परियोजनाओं के मामले में क्षेत्र के 70 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का प्रावधान किया गया है। विधेयक के प्रारूप के अनुसार क्षेत्र के जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा, उनमें से 70 प्रतिशत की सहमति जरूरी होगी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भूमि अधिग्रहण विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिया गया, जिसमें संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुक्षावों को शामिल किया गया है।

संप्रग अध्यक्ष ने सरकार को उद्योगों और पीपीपी परियोजनाओं के लिये भूमि का अधिग्रहण करने से पहले क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति लिये जाने का सुझाव दिया था।

 
 
 
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