सोमवार, 22 दिसम्बर, 2014 | 16:46 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
लखवी पर पाक सरकार का दोहरा चेहरा बेनकाब, सरकारी वकील ने किया खुलासा, बेल अर्जी दाखिल करने में देरी करने का पाक सरकार बना रही दबावछपरा के इसुआपुर थाने के दारोगा की गोली मारकर हत्या
रक्षाबलों ने टाट्रा ट्रकों के विकल्प ढूंढ़ने शुरू किए
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:01-01-13 08:03 PM
Image Loading

टाट्रा ट्रकों की खरीद पर रोक की पृष्ठभूमि में सशस्त्र बलों ने स्वयं को मिसाइल प्रणालियों से लैस करने के लिए वैकल्पिक वाहन ढूंढ़ने शुरू कर दिए हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह द्वारा लगाए गए रिश्वत संबंधी आरोपों की सीबीआई जांच लंबित होने के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने टाट्रा ट्रकों की खरीद स्थगित करने का निर्णय लिया था। उसके बाद सेना एवं वायुसेना की कई महत्वपपूर्ण मिसाइल परियोजनायें अधर में लटक गई।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र बल रूस एवं बेलारूस की कंपनियों के ट्रकों पर गौर कर रहे हैं जिनमें बेलारूस की एक कंपनी के वोलाट ट्रक भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार हाल ही में रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (खरीद) की अध्यक्षता में संबंधित पक्षों की इस मुद्दे पर एक बैठक हुई थी।

टाट्रा पर पाबंदी के चलते कई परियोजनायें अटक गईं जिनमें वायुसेना एवं सेना के लिए सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के जमीन संस्करण तथा सेना की पिनाक मिसाइल परियोजना भी शामिल हैं। यदि रूस एवं बेलारूस की कंपनियों के ट्रकों के प्रस्ताव मंजूर कर लिए जाते हैं तो सशस्त्र बल उनका फील्ड परीक्षण करेंगे और उन पर मिसाइल लगाकर देखेंगे।

फिलहाल सशस्त्रबलों के पास सात हजार से अधिक टाट्रा ट्रक हैं और विवाद खड़ा होने के बाद सशस्त्र बलों को उनके रख रखाव एवं मरम्मत के मुद्दे से भी दो-चार होना पड़ रहा है। मार्च, 2012 में जनरल वीके सिंह ने आरोप लगाया था कि 600 से अधिक टाट्रा ट्रकों की खरीद से संबंधित फाइल को स्वीकृति देने के लिए एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ने उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इन आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच का आदेश दिया था और टाट्रा ट्रकों की खरीद रोक दी गई।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड