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कार्यकाल का सबसे जटिल मामला रहा 2जी: सीबीआई निदेशक
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-11-12 07:12 PMLast Updated:27-11-12 07:41 PM
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक का कार्यकाल समाप्त करने जा रहे अमर प्रताप सिंह ने मंगलवार को कहा कि उनके दो साल के कार्यकाल में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का घोटाला सबसे बड़ा व जटिल मामला रहा।

दो सालों तक सीबीआई का निदेशक रहने के बाद सिंह 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी ओर से सम्भावित नुकसान का कोई आंकड़ा पेश नहीं करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने ऊंचे रसूख वाले आरोपियों के खिलाफ 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन, टाट्रा बीईएमएल घोटाला, आदर्श सोसाइटी घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल आयोजन घोटाला और कोयला क्षेत्र आवंटन घोटाला सहित कई मामलों की जांच करवाई। इनमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मेरे कार्यकाल का सबसे बड़ा व जटिल घोटाला रहा।’

उन्होंने कहा कि उन्होंने 2जी घोटाला को सबसे बड़ा घोटाला विशाल आंकड़े के कारण नहीं कहा, बल्कि इसकी जटिलता और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी के कारण ऐसा कहा। आरोप पत्र में बताए गए आंकड़े के बारे में उन्होंने कहा कि सीबीआई 30 हजार करोड़ रुपये की सांकेतिक राशि पर इसलिए पहुंची, क्योंकि यह 2001 के लिए दर्ज 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मूल्य से साढ़े तीन गुना अधिक थी। उन्होंने कहा, ‘हमने इसे नुकसान नहीं कहा, यह सांकेतिक राशि थी, जो कीमत हो सकती थी।’

उन्होंने कहा कि दो साल पहले पद स्वीकार करते वक्त उन्होंने कहा था कि जांच एजेंसी किसी के भी खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में सीबीआई ने पारदर्शिता बनाकर रखने की कोशिश की। सीबीआई के निदेशक ने कहा, ‘हमने कामकाज में पारदर्शिता तथा खुलापन बरतने की कोशिश की। पिछले दो वर्षो में हमने इन प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने की कोशिश की। मेरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार तथा अपराध के हाई-प्रोफाइल मामले जांच के लिए आए।’

 
 
 
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