शनिवार, 20 दिसम्बर, 2014 | 15:09 | IST
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झारखंड विधानसभा के पांचवें और आखिरी चरण के मतदान का समय खत्म हो गया है।झारखंड विधानसभा के पांचवें और आखिरी चरण का मतदान खत्म होने में बस 10 मिनट बाकी हैं। 'हिन्दुस्तान' आपसे अपील करता है कि आप भी अपने मताधिकार का प्रयोग करें।झारखंड : लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर दोपहर 1 बजे तक 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआजम्मू: बिशनाह चुनाव क्षेत्र में मतदान केन्द्र संख्या 27 में कुल 640 वोटर हैं और मतदान के पहले घंटे में 72 प्रतिशत मतदान हो चुका है।जम्मू: बानी में 15.22 प्रतिशत, हरीनगर 15.02 प्रतिशत, बिशनाह में 14 प्रतिशत, मारह 12 प्रतिशत, कठुआ में 11.71 प्रतिशत, बशोली में 11 प्रतिशत, बिल्लावर में 10.25 प्रतिशत और गांधीनगर एवं जम्मू पूर्व में 10 प्रतिशत मतदान हुआ है।जम्मू: जम्मू पश्चिम और नौशेरा में नौ-नौ प्रतिशत और डरहाल में 8.50 प्रतिशत एवं कालकोट में 7.15 प्रतिशत मतदान हुआ है।जम्मू: जम्मू जिले के गांधीनगर विधानसभा में केंद्रीय विद्यालय में तीन मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस केंद्र पर पहले आधे घंटे में लगभग 50 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।जम्मू: गांधीनगर इलाके एक पोलिंग स्टेशन पर निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं के लिए चाय की व्यवस्था भी की है।जम्मू: कठुआ जिले में सीमवर्ती निर्वाचन क्षेत्र हीरानगर में महिला मतदाताओं की संख्या, पुरुष मतदाताओं से अधिक रही। कठुआ जिले के दूर-दराज के बानी और बिलावर निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया की शुरुआत धीमी रही।जम्मू: राजौरी जिले की राजौरी, दारहल, कालकोट और नौशेरा में भी सुबह के समय मतदान प्रक्रिया सुस्त रही।झारखंड: दोपहर 1 बजे तक जामताड़ा-57, नाला-56, बोरियो-45, राजमहल-43, बरहेट-47, पाकुड़-61, लिट्टीपाड़ा-59, महेशपुर-58, दुमका-44, जामा-56, जरमुंडी-57, शिकारीपाड़ा-60, सारठ-59, पोड़ैयाहाट-56, गोड्डा-47, महगामा-48 प्रतिशत मतदान हुआ
कैश सब्सिडी पर चुनाव आयोग ने मांगा सरकार से जवाब
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-12-12 10:00 AMLast Updated:03-12-12 11:46 AM
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आचार संहिता लागू होने के दौरान सरकार द्वारा नकदी हस्तांरण योजना की घोषणा पर अप्रसन्नता जताते हुए चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर इस मामले पर आज शाम तक सरकार से जवाब मांगा है। आयोग ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो वह इस मामले में उचित कदम उठाएगा।

कैबिनेट सचिव अजीत सेठ को कठोर शब्दों में लिखे पत्र में आयोग ने सरकार द्वारा इस योजना की घोषणा के समय पर अप्रसन्नता जाहिर की। आयोग ने कहा है कि गुजरात चुनाव को देखते हुये इसे रोका जा सकता था।

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने कैबिनेट सचिव से इस मामले में सोमवार शाम तक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। अगर हमें कोई जवाब नहीं मिलता तो हम कार्रवाई करेंगे। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा लिखा गया यह पत्र इस मसले पर दूसरा पत्र है।

भाजपा की गुजरात इकाई ने गुएवार को आयोग में इस मसले पर याचिका दायर की थी। भाजपा का आरोप था कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है। इसके अगले दिन लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की थी और इस घोषणा के खिलाफ शिकायत की थी।

इस योजना की जिन 51 जिलों के लिये घोषणा की गई है उनमें से चार जिले गुजरात में हैं जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आयोग से शिकायत के बाद आडवाणी ने कहा था कि एक बार चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद योजनाएं घोषित नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा था कि नकदी हस्तांतरण योजना की घोषणा हुई है जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उन्हें इस योजना से बाहर रखा जा सकता था। सरकार को चुनाव आचार संहिता के दौरान ऐसा नहीं करना चाहिए था। गुजरात में 13 और 17 दिसंबर को चुनाव होने हैं और राज्य में आचार संहिता लागू है।

चिदंबरम ने पहले विपक्ष के इस आरोप को नकार दिया कि यह योजना मध्यावधि चुनाव की संभावना को देखते हुये लोगों को रिश्वत देना है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह बेतुका तर्क है। भाजपा ने सरकार का तर्क खारिज करते हुए कहा है कि आचार संहिता के दौरान कोई सत्ताधारी दल किसी भी रूप में वित्तीय मदद मुहैया नहीं करा सकता।

 
 
 
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