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कैश सब्सिडी पर कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-12-2012 03:28:11 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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गरीबों को उनकी कल्याण योजनाओं की नगदी का सीधे हस्तांतरण करने की सरकार की योजना की घोषणा के समय को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा केंद्र से जवाब मांगे जाने के बाद कांग्रेस तथा भाजपा के बीच इस विषय पर वाकयुद्ध शुरू हो गया है।
   
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार निर्वाचन आयोग को इस संबंध में जानकारी मुहैया कराएगी। उन्होंने योजना पर भाजपा से उसका रुख स्पष्ट करने को कहा।
   
तिवारी ने संवाददाताओं से कहा भाजपा को नगदी हस्तांतरण पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। वह इसके पक्ष में है या इसके विरोध में है। क्या वह चाहती है कि लोगों का धन सीधे लोगों के हाथों में जाना चाहिए या वह ऐसा नहीं चाहती।
   
उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग ने कुछ पूछा है या कुछ हद तक स्पष्टीकरण मांगा है तो मुझे पूरा विश्वास है कि निर्वाचन आयोग को अपेक्षित सूचना सरकार की ओर से मुहैया करा दी जाएगी।
   
उधर भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने मुद्दे पर कांग्रेस की गंभीरता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा क्या कांग्रेस इस बारे में गंभीर है। क्या उन्होंने अपना होमवर्क ठीक से किया है।
  
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पूरे मामले के अध्ययन के लिए एक समिति गठित की है और उसके बाद ही कोई टिप्पणी की जाएगी।
   
बहरहाल, प्रसाद ने कहा कि भाजपा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) खत्म करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान में सीधे नगदी हस्तांतरण योजना के लिए पायलट परियोजना सफल क्यों नहीं हुई।
   
उन्होंने कहा लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है। अगर इसका मतलब सार्वजनिक वितरण प्रणाली को खत्म करना है तो भाजपा इसके विरोध में है क्योंकि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और अन्य राज्यों में पीडीएस के तहत अच्छा काम हुआ है। पहले मनीष तिवारी बताएं कि राजस्थान में बड़े जोर शोर से शुरू की गई नगदी हस्तांतरण योजना क्यों नाकाम हुई।

 
 
 
 
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