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ब्रिटेन के अखबार ने छापा गैंगरेप पीड़िता का नाम
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:07-01-13 12:10 PMLast Updated:07-01-13 04:03 PM
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ब्रितानी अखबार मिरर में दिल्ली के सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता के पिता के साक्षात्कार के बाद दुनियाभर के लोगों ने आरोपियों को मौत की सजा देने अथवा अंग-भंग करने की मांग की है।
   
मिरर की वेबसाइट पर प्रकाशित इस खबर पर दुनियाभर से 330 से अधिक टिप्पणियां आ चुकी हैं, जिसमें दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिये जाने की मांग की गई है। यही नहीं यह खबर मिरर की आज सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली खबर भी है। इस साक्षात्कार में पीड़िता के पिता ने उसका नाम सार्वजनिक किया और कहा, मैं चाहता हूं कि दुनिया जाने की मेरी बेटी का नाम क्या है।
   
अफ्रीकी देश उगांडा से कमल थांकी ने लिखा कि यह बहुत गलत होगा कि दोषियों को फांसी दे दी जाये और इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। इसका सर्वश्रेष्ठ समाधान यह होगा कि उनके गुप्तांग काट दिया जाये ताकि वे जीवन भर याद रखें।
   
काटिआ लेइटाओ ने लिखा, प्रिय भारत, आपने विश्व को आध्यात्मिकता सिखाई और हम इसे फिर से जी सके। आपकी बेटी का शरीर भले ही मर गया हो, लेकिन वह नहीं। उसे आपके देश के विरोध प्रदर्शनों में देखा जा सकता है। निराश न हो। अपने बच्चों को सच सिखायें।
   
अपा विनर ने लिखा कि निर्दयी लोगों को मौत की सजा नहीं दी जाये, उन्हें जिंदा रखा जाये और उनके हाथ तथा पैर काट दिये जायें। उनको बधिया कर दिया जाये। उन्हें इतना लाचार बना दिया जाए कि वह देश तथा न्यायपालिका से मौत की भीख मांगे। यह सजा उन्हें मरते दम तक दी जाये।
     
लंदन से सैंडी ने लिखा कि भारत में बदलाव की जरूरत है। भारत में हुई यह वीभत्स घटना उन चीजों में शामिल है जिसे कभी नहीं भुलाया नहीं जा सकता। हमें आशा करनी चाहिये कि उसकी पीड़ा से भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले में व्यवहार और कानून में बदलाव आयेगा।
     
इवा चर ने लिखा कि मैं विश्वास नहीं कर सकती कि एक इनसान दूसरे के साथ ऐसा कैसे व्यवहार कर सकता है। यह असंभव है। क्या आप समझते हैं कि उन्होंने अपने दिमाग या भावनाओं का इस्तेमाल किया होगा, ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते हैं। मुझे इस युवा लड़की की कमी हमेशा खलेगी और आशा करती हूं कि इन दोषियों को उतनी ही कड़ी, क्रूर और दर्द से भरी सजा मिलेगी।
     
उन्होंने कहा कि यही न्याय होगा ताकि वे यह महसूस कर सकें कि उस रात क्या हुआ था। मैं आशा करती हूं कि सभी महिलायें हरेक स्थिति में बहादुर बनेंगी और जरूरत पड़ने पर मदद पा सकेंगी।
     
इस बीच अखबार में लड़की का नाम सार्वजनिक होते ही सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर उसके नाम से और उसे श्रद्धाजंलि देने के लिये करीब 40 पेज बन गये हैं। इन फेसबुक पेजों पर लोग पीड़िता को याद कर रहे हैं और देश में महिलाओं की स्थिति पर सरकार से तीखे सवाल कर रहे हैं। सैंकड़ों की संख्या में लोग इन पेजों को लाइक भी कर रहे हैं।

 
 
 
 
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