सोमवार, 06 जुलाई, 2015 | 06:29 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    लालू की हैसियत महुआ रैली में उजागर, नीतीश को पक्का मारेंगे लंगड़ीः पासवान एयरइंडिया के यात्री ने की खाने में मक्खी की शिकायत  फेसबुक ने 15 साल बाद मां-बेटे को मिलाया  व्हाट्सएप मैसेज से बवाल कराने वाला बीए का छात्र मोहित गिरफ्तार मुरादाबाद: नदी में पलटी जुगाड़ नाव, आठ डूबे, सर्च ऑपरेशन जारी यूपी के रामपुर में दो भाईयों की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी बिहार के हाजीपुर में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, छह गिरफ्तार झारखंड: चतरा के टंडवा में हाथियों ने कई घर तोड़े, खा गए धान बिहार में आंखों का अस्पताल बनाने के लिए इंडो-अमेरिकन्स का बड़ा कदम मुजफ्फरनगर के शुक्रताल में हजारों मछलियां मरीं, संत समाज बैठा धरने पर
बाबरी विध्वंस पर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-12-12 01:16 PMLast Updated:06-12-12 02:41 PM
Image Loading

लोकसभा में गुरुवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस का मुद्दा उठा। वामपंथी दलों तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने केंद्र सरकार पर 20 साल पहले हुए बाबरी विध्वंस के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न् 11 बजे शुरू हुई। लेकिन हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के असदुद्दीन ओवैसी, बसपा के एक सांसद और वामपंथी दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने छह दिसम्बर, 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 16वीं सदी की मस्जिद को तोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए सरकार पर हमले किए।

जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े होकर बसपा, वामपंथी दलों के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और उसके बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बजे सदन की बैठक शुरू होते ही भाजपा सदस्य कसम राम की खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे जैसे नारे लगाने लगे। उधर, सपा और बसपा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर भाजपा सदस्यों की नारेबाजी का विरोध करने लगे।
   
इसी बीच उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने नियम 377 के तहत मामले सदन के पटल पर रखवाए और विधायी कामकाज शुरू करवाने का प्रयास किया। उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदम्बरम को प्रतिभूति हित का प्रवर्तन और ऋण वसूली विधि (संशोधन) विधेयक 2011 पेश करने को कहा। चिदम्बरम विधेयक पेश करने के लिए खड़े ही हुए थे कि भाजपा और सपा के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे।
   
हंगामा बढ़ता देख उपाध्यक्ष ने बैठक कुछ ही देर बाद कल तक के लिए स्थगित कर दी।

 

 
 
 
अन्य खबरें
 
 
 
 
 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड