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असम सर्वाधिक जटिल राज्य: चिदंबरम
गुवाहाटी, एजेंसी
First Published:30-07-12 09:45 PM
गृह मंत्री पी़ चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि असम प्रशासन की दृष्टि से देश का सर्वाधिक जटिल राज्य है, क्योंकि यहां विभिन्न समूहों के लोग रहते हैं।
असम के हिंसा प्रभावित जिलों में सुरक्षा और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के बाद गृह मंत्री का यह बयान आया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि असम देश में प्रशासित संभवत: सबसे जटिल राज्य है, क्योंकि यहां विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं। देश के लोगों को एक साथ रहना सीखना होगा, क्योंकि भारत में विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं।
बहरहाल उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध प्रवासियों की संख्या में काफी कमी आई है और इसकी सीमा बांग्लादेश के साथ जुड़ी हुई है। राज्य के दो दिवसीय दौर पर आए चिदंबरम ने कहा कि असम की सीमा कठिन सीमा है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि बांग्लादेश से अवैध आव्रजन हुआ है। लेकिन आव्रजन में काफी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सीमा चौकियां बनानी होंगी, और सड़कें बनानी होंगी और सीमा सुरक्षा परिसर बनाने होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमें सीमा सुरक्षा प्रयासों में तेजी लानी होगी।
चिदंबरम ने कहा कि असम की सरकार ने सुरक्षा के लिए विस्तृत योजना बनाई है और हमें उम्मीद है कि यह प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने में पर्याप्त साबित होगी। उन्होंने कहा कि हर विस्थापित व्यक्ति का पुनर्वास होगा। हर कोई अपने गांव और घर लौटना चाहता है। हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। राज्य के कुछ जिलों में जातीय दंगों में 57 लोगों की मौत हो गई और 47936 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि चार लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।
चिदंबरम ने कहा कि असम की सरकार ने सुरक्षा के लिए विस्तृत योजना बनाई है और हमें उम्मीद है कि यह प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने में पर्याप्त साबित होगी। उन्होंने कहा कि हर विस्थापित व्यक्ति का पुनर्वास होगा। हर कोई अपने गांव और घर लौटना चाहता है। हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। राज्य के कुछ जिलों में जातीय दंगों में 57 लोगों की मौत हो गई और 47936 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि चार लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।
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