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अमेरिकी अपाचे हेलीकॅप्टर वायुसेना के लिए होगा: ब्राउन
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:16-12-12 06:55 PM
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वायुसेना प्रमुख एन ए के ब्राउन ने रविवार को कहा कि अमेरिका से खरीदे जा रहे 22 अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना के लिए हैं। ब्राउन ने यहां 1971 युद्ध की वर्षगांठ के एक कार्यक्रम से इतर कहा कि अपाचे (हेलीकाप्टर) हमारे ही पास रहने वाले हैं। फिलहाल इन्हें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।

रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में सेना को लड़ाकू हेलीकॉप्टर रखने की अनुमति दी थी और कहा था कि सभी भावी खरीद उसके लिए है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने संसद में कहा था कि सरकार ने सेना को अपने हैवी ड्यूटी लड़ाकू हेलीकॉप्टर रखने देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि भविष्य में खरीदे जाने वाले लड़ाकू हेलीकॉप्टर को सेना के बेड़े में शामिल करने का फैसला उसकी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना अमेरिका की बोइंग कंपनी से 22 एच-64 डी ब्लॉक ।।। अपाचे हेलीकॉप्टर खरीद रही है।

ब्राउन ने कहा कि अपाचे हेलीकाप्टर केवल दुश्मनों के टैंकरों पर हमला करने या हवा से जमीन पर अभियान चलाने के लिए नहीं हैं बल्कि उनका उपयोग दुश्मन के रडार स्टेशनों पर हमला करने और हवा से हवा में अभियान चलाने जैसे कई मौकों पर किया जा सकता है। हाल में सेना ने कहा था कि वह रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजने की योजना बना रही है कि वायु सेना के लडाकू हेलीकाप्टर उसे जल्द से जल्द हस्तांतरित किया जाए।

सूत्रों ने कहा कि सेना ने यह भी कहा है कि प्रस्ताव में अपाचे हेलीकाप्टरों का हस्तांतरण भी शामिल किया जाए। गौरतलब है कि वायुसेना और थलसेना के बीच लड़ाकू हेलीकाप्टरों के बेड़े पर नियंत्रण को लेकर मतभेद हैं और रक्षा मंत्रालय ने सेना के पक्ष में फैसला किया।
 
सेना में पहले से ही विमानन शाखा है। रक्षा मंत्री ने वायुसेना के कड़े विरोध को दरकिनार करते हुए उसके लिए जंगी हेलीकॉप्टर के पक्ष में फैसला किया। सेना जंगी हेलीकॉप्टर की मांग करती रही है। वायुसेना उसका कड़ा विरोध करती रही है। उसका कहना है कि देश में (अलग से) एक छोटी वायुसेना नहीं हो सकती। वायुसेना अमेरिका से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया पूरी करने वाली है। इससे पहले निविदा में रूस की एमआई-28 हैवोक पिछड़ गई।

 
 
 
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