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26/11 में अबू जिंदाल की थी भूमिका
मुंबई, एजेंसी
First Published:26-06-12 08:30 PM
मुंबई में हुए 26/11 के आतंकवादी हमलों के मामले में एकमात्र जीवित हमलावर अजमल कसाब ने लश्कर ए तैयबा के गिरफ्तार आतंकवादी अबू जिंदाल की पहचान न केवल हमलावरों को निर्देश देने वाले के तौर पर बल्कि उन्हें काम सौंपने वाले साजिशकर्ता के तौर पर भी की है।
विशेष सरकारी अभियोजक उज्ज्वल निकम ने कहा कि कसाब ने निचली अदालत को बताया था कि अबू हमजा और लश्कर कमांडर जाकिउर रहमान लखवी के साथ मिलकर जंदल युवा आतंकवादियों की भर्ती करता था और इस बारे में फैसला करता था कि किस लड़के को और कहां भेजा जाए।
निकम ने कहा कि जिंदाल लश्कर ए तैयबा की भीतरी व्यवस्था में शामिल था और उसे आतंकवादियों को सौंपी जाने वाली भूमिका की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि कसाब ने निचली अदालत में अपना दोष कबूल करते हुए इस बात का खुलासा किया था।
निकम ने कहा कि 26/11 के हमलावरों और कराची से उन्हें निर्देश दे रहे लोगों के बीच हमलों के दौरान फोन पर हुई बाचतीत के अंश में निर्देश देने वाले एक शख्स को एक हमलावर से यह कहते सुना गया कि अब अबू जिंदाल से बात करो। जिसके बाद वह शख्स आतंकवादियों से बात करता है।
निकम के मुताबिक कसाब ने अदालत को बताया था कि जंदल उन साजिशकर्ताओं में शामिल था जिन्होंने नरीमन हाउस पर हमले के दौरान आतंकवादियों को मीडिया को यह बताने का निर्देश दिया था कि वे दक्कन क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले भारतीय हैं।
उन्होंने बताया कि कसाब ने हमला करने के लिए निकले आतंकवादियों को कराची के समुद्र तट से रवाना करने वाले लोगों में जिंदाल, हमजा और लखवी का नाम लिया था। उन्होंने कहा कि जिंदल की आवाज का नमूना स्पेक्टोग्राफी जांच के लिए लिया जाएगा और टेलीफोन बातचीत में सुनी गई आवाज से इसे मिलाया जाएगा। निकम ने कहा कि यदि आवाज जिंदाल की आवाज से मिल जाती है तो यह उसके खिलाफ मजबूत सबूत होगा। उन्होंने कहा कि जिंदाल से पूछताछ के बाद पुलिस उसके खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है और उस पर मुकदमा चला सकती है। उन्होंने कहा कि जंदल की गिरफ्तारी को 26/11 के हमलों की तफ्तीश में मील का पत्थर माना जा सकता है और अब मामले में भारत को सबूत देने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।
उन्होंने बताया कि कसाब ने हमला करने के लिए निकले आतंकवादियों को कराची के समुद्र तट से रवाना करने वाले लोगों में जिंदाल, हमजा और लखवी का नाम लिया था। उन्होंने कहा कि जिंदल की आवाज का नमूना स्पेक्टोग्राफी जांच के लिए लिया जाएगा और टेलीफोन बातचीत में सुनी गई आवाज से इसे मिलाया जाएगा। निकम ने कहा कि यदि आवाज जिंदाल की आवाज से मिल जाती है तो यह उसके खिलाफ मजबूत सबूत होगा। उन्होंने कहा कि जिंदाल से पूछताछ के बाद पुलिस उसके खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है और उस पर मुकदमा चला सकती है। उन्होंने कहा कि जंदल की गिरफ्तारी को 26/11 के हमलों की तफ्तीश में मील का पत्थर माना जा सकता है और अब मामले में भारत को सबूत देने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।
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