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सरकार को वॉलमार्ट पर जांच से कोई हिचक नहीं
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:11-12-12 01:42 PMLast Updated:11-12-12 04:25 PM
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खुदरा क्षेत्र में अपने हितों को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट द्वारा भारत में कुछ लोगों को धन दिए जाने संबंधी अमेरिकी रिपोर्ट पर सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि उसे इस मामले के तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच कराने में कोई हिचक नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष द्वारा इस मामले के तथ्यों को सामने लाए जाने की मांग पर किए गए भारी हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि भारत सहित विभिन्न देशों में वॉलमार्ट द्वारा धन खर्च किए जाने की रिपोर्ट सामने आयी है। तथ्यों को सामने लाने के लिए सरकार को जांच कराने में कोई हिचक नहीं है। अगले कदम की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।

कमलनाथ की इस घोषणा का सदन में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित सत्ता पक्ष के सभी सदस्यों ने मेजें थपथपा कर स्वागत किया। इससे पहले, शून्यकाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि वॉलमार्ट द्वारा अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए उसके काले कारनामे उजागर हुए हैं।

अमेरिकी सीनेट में पेश रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि भारत के खुदरा क्षेत्र में निवेश करने के लिए वॉलमार्ट ने पैसे खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि भारत में वॉलमार्ट ने किस चीज के लिए ये पैसे खर्च किए। किसको यह पैसा दिया गया और कितना दिया गया।

सिन्हा ने मांग की कि अमेरिकी सीनेट रिपोर्ट में किए गए इस खुलासे को देखते हुए सरकार को बिना देरी किए मामले की समयबद्ध जांच के तुरंत आदेश देने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जांच 60 दिनों के भीतर पूरी हो जाए और देश के सामने सच्चाई को रखा जाए कि वॉलमार्ट ने भारत के खुदरा क्षेत्र में अपने निवेश को बढ़ावा देने के लिए किसको और कितना पैसा दिया।

सिन्हा ने कहा कि वॉलमार्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की खबर है जिसके चलते भारत में उसके मुख्य वित्तीय अधिकारी सहित आठ अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और अमेरिका में उनके खिलाफ जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि भारत के खुदरा क्षेत्र में पैर जमाने के लिए वॉलमार्ट ने लोगों को धन दिया।

विपक्षी सदस्यों की शर्म, शर्म की टिप्पणियों के बीच ही यशवंत सिन्हा ने कहा कि अमेरिकी रिपोर्ट से देश की इज्जत मिट्टी में मिल गयी है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अफसोस की बात है कि वॉलमार्ट के इस काले कारनामे की अमेरिका में जांच हो रही है, लेकिन भारत में नहीं जहां कि उसने लोगों को पैसा खिलाया।

इससे पूर्व सदन में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करवाते हुए अध्यक्ष मीरा कुमार ने यशवंत सिन्हा को अपनी बात रखने की अनुमति दी, लेकिन बसपा सदस्य कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच की मांग को लेकर अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। उनकी नारेबाजी के बीच ही भाजपा के शहनवाज हुसैन और निशिकांत दुबे ने टिप्पणी की कि सारा हंगामा वॉलमार्ट पर चर्चा रोकने के लिए किया जा रहा है। उधर, वाम सदस्य भी अग्रिम पंक्तियों में आकर वॉलमार्ट का मुद्दा उठाने लगे।

सिन्हा द्वारा अपनी बात रखे जाने के बाद अध्यक्ष ने कमलनाथ को सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस पर अन्नाद्रमुक, वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कड़ी आपत्ति जताते हुए आसन के सामने आ गए और मांग करने लगे कि मंत्री के बयान से पहले उन्हें भी बात रखने का मौका दिया जाए।

राजग के घटक दल शिवसेना, जदयू, शिरोमणि अकाली दल के सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर उन्हें इस मुद्दे पर अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। अध्यक्ष ने इन सदस्यों से कहा कि वे यशवंत सिन्हा की बात से अपने आप को संबद्ध कर लें, लेकिन सदस्य इस पर संतुष्ट नहीं हुए और वे उन्हें भी बोलने का मौका देने की मांग करते रहे।

 
 
 
 
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