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कोर्ट ने SIT से पूछा, क्या जकिया जाफरी को दिए जा सकते हैं दस्तावेज
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:03-12-12 01:26 PM
गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगा मामलों की जांच करने वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) को आज उच्चतम न्यायालय ने यह बताने का आदेश दिया कि क्या कांग्रेस नेता एहसान जाफरी के मारे जाने के मामले की समापन रिपोर्ट उनकी पत्नी जकिया जाफरी को दी जा सकती है।
न्यायमूर्ति डी के जैन और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की पीठ ने कहा हम विशेष जांच दल के अध्यक्ष को शिकायतकर्ता (जकिया जाफरी) द्वारा दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसपीएल) का अध्ययन करने और हमें यह बताने का आदेश देते हैं कि क्या मामले में समापन रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज शिकायतकर्ता को दिए जा सकते हैं या नहीं।
पूर्व सीबीआई निदेशक आर के राघवन की अध्यक्षता में एसआईटी ने अहमदाबाद के गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी नरसंहार मामले सहित गुजरात दंगों की जांच की है। गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी नरसंहार के दौरान कांग्रेस के पूर्व सांसद जाफरी मारे गए थे।
अहमदाबाद में एक निचली अदालत ने 27 नवंबर को वह समापन रिपोर्ट स्वीकार कर ली जो इस मामले में एसआईटी ने 13 मार्च 2012 को दाखिल की थी।
जकिया ने एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर निचली अदालत ने आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में निचली अदालत ने मामले की जांच से संबंधित कुछ दस्तावेज मुहैया कराने का जकिया का आग्रह खारिज कर दिया था।
न्यायमूर्ति डी के जैन और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की पीठ ने कहा हम विशेष जांच दल के अध्यक्ष को शिकायतकर्ता (जकिया जाफरी) द्वारा दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसपीएल) का अध्ययन करने और हमें यह बताने का आदेश देते हैं कि क्या मामले में समापन रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज शिकायतकर्ता को दिए जा सकते हैं या नहीं।
पूर्व सीबीआई निदेशक आर के राघवन की अध्यक्षता में एसआईटी ने अहमदाबाद के गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी नरसंहार मामले सहित गुजरात दंगों की जांच की है। गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी नरसंहार के दौरान कांग्रेस के पूर्व सांसद जाफरी मारे गए थे।
अहमदाबाद में एक निचली अदालत ने 27 नवंबर को वह समापन रिपोर्ट स्वीकार कर ली जो इस मामले में एसआईटी ने 13 मार्च 2012 को दाखिल की थी।
जकिया ने एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर निचली अदालत ने आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में निचली अदालत ने मामले की जांच से संबंधित कुछ दस्तावेज मुहैया कराने का जकिया का आग्रह खारिज कर दिया था।
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