गुरुवार, 28 मई, 2015 | 19:33 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    मोदी ने अर्थव्यवस्था का ज्ञान बढ़ाने के लिए ली मनमोहन से क्लासः राहुल लोकलुभावन रास्ते की बजाय अधिक कठिन मार्ग चुना :मोदी CBSE 10th रिजल्ट: 94,447 छात्रों को मिला 10 सीजीपीए सोनिया की मौजूदगी में हुई बैठक, पास हुआ मोदी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव जेट एयरवेज की टिकटों पर 25 प्रतिशत छूट की पेशकश रायबरेली पहुंची सोनिया गांधी व्यापम घोटाला: अब तक जांच से जुड़े 40 लोगों की मौत त्रिपुरा सरकार ने राज्य में 18 सालों से लगा अफस्पा हटाया गुर्जर आंदोलन: बैंसला बोले, चाहे कुछ हो जाए बिना आरक्षण लिए नहीं लौटेंगे कुछ इस तरह हुई फीफा के 14 अधिकारियों की गिरफ्तारी
भारत से सम्बंधों को प्रगाढ़ बनाना प्राथमिकता: पुतिन
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:24-12-12 06:43 PMLast Updated:24-12-12 09:34 PM
Image Loading

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि नई दिल्ली का वाकई में एक अनोखा विशिष्ट और गौरवान्वित चरित्र है। इसके साथ ही उन्होंने व्यापार व रक्षा सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों में राय-मशविरे को बढ़ावा देने की आशा जाहिर की।

पुतिन, सोमवार तड़के दिनभर के दौरे पर यहां पहुंचे। उन्होंने समाचार पत्र द हिंदू में प्रकाशित एक लेख में कहा है कि भारत के साथ मित्रता और सहयोग को प्रगाढ़ बनाना हमारी विदेश नीति की शीर्ष प्राथमिकताओं में है और अब मैं कह सकता हूं कि उनका (भारत) वाकई में अनोखा विशिष्ट और गौरवान्वित चरित्र है।

पुतिन ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार वैश्विक संकट के असरों से उबर चुका है, और उन्हें उम्मीद है कि 2012 में द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर और 2015 तक 20 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लेगा।

पुतिन ने कहा कि तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु विद्युत संयंत्र उनके आपसी सहयोग का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि भारत में नए परमाणु विद्युत संयंत्रों के निर्माण पर हमारी व्यवस्था का क्रियान्वयन निकट भविष्य में शुरू हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच साझेदारी की रणनीतिक प्रकृति के परिणामस्वरूप हमारे बीच असाधारण स्तर का सैन्य व तकनीकी सहयोग बना है। उन्होंने कहा है कि इसके परिणामस्वरूप मात्र सैन्य उत्पादों की खरीददारी ही नहीं होनी चाहिए, बल्कि आधुनिक हथियारों का संयुक्त विकास और नियमसम्मत उत्पादन भी होना चाहिए।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
Image Loadingमूडी, पोटिंग, फ्लेमिंग या विटोरी हो सकते हैं टीम इंडिया के नए कोच
भारतीय टीम के पूर्व कोच डंकन फ्लेचर का कार्यकाल खत्म हो चुका है और बीसीसीआई अब एक नए कोच की तलाश में जुटी हुई है। टीम इंडिया का कोच बनना एक बड़ी चुनौती होती है।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड