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रोमेश शर्मा पर मुकदमा चलाने को कोर्ट ने दी मंजूरी
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:11-10-11 06:39 PM
दिल्ली की एक अदालत ने अपनी महिला मित्र की हत्या के चलते आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे गैंगस्टर रोमेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। शर्मा पर आरोप है कि उसने जेल के दो अधिकारियों को अपने साथ मिलाकर अपने साथी कैदी की पीठ पर मच्छरमार कॉइल से कमीना लिखवा दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहीम के कथित गुर्गे शर्मा पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी। अदालत ने मजिस्ट्रेटी अदालत द्वारा शर्मा को जारी समन को बरकरार रखा जिसमें उसे रोहिणी जेल के अधीक्षक एसएम भारद्वाज और सहायक अधीक्षक अखिलेश राठौड़ के साथ पेश होने को कहा गया था।
शहर के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने नवंबर 2010 में हत्या के एक अन्य दोषी सतपाल बेदी की शिकायत पर तीनों को पेश होने का निर्देश दिया था। बेदी ने अपनी शिकायत में कहा था कि दोनों जेलरों ने शर्मा के कहने पर उसकी पीठ पर जलती हुई मच्छरमार कॉइल से कमीना लिख दिया था।
सत्र न्यायालय ने तीनों को जारी समन को बरकरार रखते हुए मजिस्ट्रेटी अदालत के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने उनकी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह अदालत एसीएमएम के आदेश को अवैध या अनियमित नहीं पाती। तीनों एसीएमएम के आदेश के खिलाफ अदालत की शरण में गए थे।
बेदी ने आरोप लगाया था कि जेल अधीक्षक, वार्ड प्रभारी और अन्य कैदियों ने उस पर जेल में 18 नवंबर, 2010 को शर्मा के कहने पर हमला किया। शर्मा अपनी महिला मित्र और फैशन डिजाइनर कुंजुम बुद्धिराजा की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है।
बेदी ने पहले 20 नवंबर 2010 को दिल्ली के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप लगाया था। उन्होंने उसकी चिकित्सीय जांच करवाई और उसकी शिकायत को एसीएमएम के पास भेज दिया। बेदी ने एसीएमएम को बताया कि जेल अधिकारियों भारद्वाज और राठौड़ ने उसे रिमांड कक्ष में बुलाया जहां उन्होंने उससे तिहाड़ जेल से रोहिणी जेल में स्थानांतरित करने के लिए एक आवेदन लिखने के लिए कहा। जब उसने इससे इंकार किया तो उसके हाथ पैरों को बांध कर पीटा गया।
बेदी ने आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी पीठ को जलाया हालांकि उसे बाद में पता लगा कि उन्होंने उसकी पीठ पर कमीना लिख दिया गया है।
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