गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 17:11 | IST
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सीबीआई अपने अधिकार क्षेत्र में काम करती है: सरकार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:14-12-12 04:49 PM
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सरकार ने पूर्व सीबीआई निदेशक यूएस मिश्रा के आरोपों को खारिज कर दिया कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के दौरान उन्हें राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा था।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री नारायणसामी ने कहा कि जहां तक सीबीआई की बात है यह एक स्वतंत्र संस्था है जो अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर काम करती है और हमारी सरकार की ओर से कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता।

विधि मंत्री अश्वनी कुमार ने भी खारिज किया कि सीबीआई निदेशक पर सरकार की ओर से कोई दबाव है। संसद भवन के बाहर उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई दबाव नहीं है। संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि मिश्रा सीबीआई निदेशक के तौर पर जब काम कर रहे थे, उस समय राजग का शासन था इसलिए भाजपा को उनके आरोपों पर जवाब देना चाहिए।

शुक्ला ने यह भी कहा कि पूर्व नौकरशाह बेवजह ही विवाद पैदा कर रहे हैं और यह ठीक नहीं है। बहरहाल, भाजपा ने अपने इस आरोप को दोहराया कि सरकार दवारा सीबीआई का दुरुपयोग किया गया है और यह नया आरोप इस बात की पुष्टि करता है।

भाजपा नेता वैंकेया नायडू ने संसद भवन के बाहर कहा कि हम यह पहले से ही कहते रहे हैं कि सीबीआई का समय-समय पर दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों को शांत करने और सहयोगियों पर दबाव कायम करने के लिए किया गया है जिससे उन्हें नियंत्रण में रखा जा सके। सीबीआई को कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे दृष्टिकोण की पूर्व सीबीआई निदेशक ने भी पुष्टि की है।

कांग्रेस का यह आरोप कि मिश्रा राजग शासन के दौरान निदेशक थे, नायडू ने कहा कि इस तरह के विचार पूर्व सीबीआई निदेशक जोगिंदर सिंह भी जाहिर कर चुके हैं। गौरतलब है कि मिश्रा ने एक समाचार चैनल से कहा था कि चर्चित नेताओं के खिलाफ जब हम जांच करते हैं तो प्रगति रिपोर्ट लंबित करने अथवा विशेष तौर से पेश करने को लेकर दबाव बनाया जाता है।
 
 
 
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