गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 11:22 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
राजस्थान में पटाखे की दुकान में आग लगने से सात की मौत
यौन उत्पीड़न मामलों में SC ने सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:04-01-13 03:06 PM
Image Loading

यौन उत्पीड़न से सम्बंधित सभी मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और पीड़ित पक्ष को मुआवजा देने की मांग को लेकर दायर दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

न्यायालय ने अतिरिक्त अदालतें गठित करने, न्यायिक बुनियादी ढांचा बेहतर बनाने तथा मौजूदा रिक्तियों को भरने से सम्बंधित याचिका पर भी नोटिस जारी किए।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन तथा न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने हालांकि उस याचिका को खारिज कर दी, जिसमें आपराधिक मामलों का सामना कर रहे संसदीय प्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी।

न्यायालय ने कहा कि वह ऐसी याचिका पर आदेश नहीं दे सकता और इसलिए वह लोगों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन से सम्बंधित आवेदनों पर ही नोटिस जारी कर रहा है।

न्यायालय ने केंद्र सरकार से सभी नोटिस का जवाब चार सप्ताह के भीतर मांगा है। न्यायालय ने दिल्ली में चलती बस में छह लोगों द्वारा एक युवती से दुष्कर्म के बाद दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किए।

याचिकाकर्ताओं में से एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रमिला शंकर हैं।

 
 
 
 
टिप्पणियाँ