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भारत-रूस के बीच चार अरब डॉलर का रक्षा सौदा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:24-12-12 06:38 PMLast Updated:24-12-12 11:47 PM
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भारत और रूस ने सोमवार को दस बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें करीब चार अरब डॉलर यानी 22,000 करोड़ मूल्य के रक्षा सौदे शामिल हैं। दोनों देशों ने शिखर बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

इन मुद्दों में रूसी दूरसंचार कंपनी सिस्तेमा द्वारा भारत में किए गए तीन अरब डॉलर के निवेश से जुड़ा विवाद भी है, जिसका मोबाइल सेवा लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यहां परमाणु ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की।

दोनों नेताओं ने कुडनकुलम में प्रस्तावित तीसरे और चौथे परमाणु बिजली रिएक्टर के लिए समझौता वार्ता में तेजी लाने पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं की यह बैठक इंडिया गेट के पास हैदराबाद हाउस में होनी थी, लेकिन बाद में यह सात रेस कोर्स रोड स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर हुई।

पिछले सप्ताह दिल्ली में गैंगरेप की घटना के बाद इंडिया गेट के आस-पास युवाओं के व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर बैठक की जगह में परिवर्तन करना पड़ा। बैठक के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन सहित सभी प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई। रूसी पक्ष ने सिस्तेमा के मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की।

आधिकारिक सूत्रों ने बहरहाल केवल यही कहा कि सिस्तेमा के मुद्दे पर चर्चा जरूर हुई है। सूत्रों ने उसका ब्यौरा नहीं दिया। रूस की प्रमुख दूरसंचार कंपनी सिस्तेमा की 3.1 अरब डॉलर के निवेश के साथ सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज में 56.68 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

उच्चतम न्यायालय ने दो फरवरी को जो लाइसेंस रद्द किए थे उनमें सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज के 22 में से 21 लाइसेंस भी है। रूसी कंपनी में रूसी सरकार की 17.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह इस मामले में चिंता जताते हुए भारत पर सिस्तेमा के निवेश की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाती रही है।

पुतिन इस समय संक्षिप्त भारत यात्रा पर हैं और वह करीब 18 घंटे भारत में रहेंगे। पुतिन के साथ बैठक के बाद सिंह ने कहा कि हमने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा की। इन में से बहुत से मुद्दों पर हमारी सोच एक-दूसरे से मिलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का विकास हमारी रणनीतिक साझेदारी का मुख्य स्तंभ रहा है। उन्होंने कहा कि कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना की पहली इकाई का निर्माण अब पूरा हो चुका है और बिजली उत्पादन जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दूसरी इकाई का निर्माण अगले साल पूरा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुडनकुलम की तीसरी और चौथी इकाइयों के निर्माण की बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों ने तीसरी व चौथी इकाई के लिए बातचीत को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद जताई है।

 
 
 
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