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सबसे बडे़ नौसैनिक अभ्यास में भारत बना हिस्सेदार
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:06-07-12 03:33 PM
Last Updated:06-07-12 03:35 PM
भारत पहली बार अमेरिका की मेजबानी वाले दुनिया के सबसे बडे़ नौसैनिक अभ्यास में इस साल से शामिल हो गया है। नौसेना के सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी पेसेफिक कमान द्वारा आयोजित किए जा रहे इस साल के नौसैनिक अभ्यास में भारत को पर्यवेक्षक के तौर पर बुलाया गया है।
इस अभ्यास में 22 देशों के करीब पचास हजार नौसैनिक हिस्सा ले रहे हैं और दिलचस्प बात यह है कि पहली बार रूस के भी चार जंगी पोत इसमें शामिल हैं। भारत ने अमेरिकी दूतावास में अपने नौसैनिक मामलों के राजनयिक को पर्यवेक्षक के तौर पर इस अभ्यास में भेजा है जो हवाई में आयोजित हो रहा है।
अभ्यास 27 जून को शुरू हो चुका है और यह 7 जुलाई तक चलेगा। दो साल में एक बार होने वाला यह अभ्यास 1971 से चला आ रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब शीत युद्ध के समय के दो करीबी दोस्तों को अमेरिकी मेजबानी वाले अभ्यास में बुलाया गया है।
इस अभ्यास में भारत और रूस की हिस्सेदारी चीन को नागवार गुजरी है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने इस अभ्यास के बारे में अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि अमेरिका इतने ज्यादा देशों को बुलाकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है और वह इस क्षेत्र के पड़ोसी देशों को अपना रुतबा दिखाना चाहता है।
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टिप्पणियाँ
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एशिया में स्थिरता रखने के लिए अमेरिका की एशिया में मोजुदगी जरुरी हे और अमेरिका भारत का विस्वाशी मित्र बनना चाहता हे और भारत को भी अमेरिका पर विश्वाश करना चाहिए
By SURAJ MAHARSHI (6th-July-2012 04:26:PM)
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