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चिदंबरम बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने से नाराज
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:11-07-12 02:53 PM
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने अपने बयान को मीडिया में कथित रूप से जानबूझ कर तोड़ मरोड़ कर पेश करने पर बुधवार को नाराजगी व्यक्त की है। चिदंबरम के हवाले से मीडिया में खबरें आई थीं कि जनता आइसक्रीम के लिए 20 रुपए देने को राजी है लेकिन गेहूं और चावल की कीमत में एक रुपए की बढ़ोतरी का विरोध करती है।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बेंगलुरु में कल एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गृहमंत्री ने आम आदमी पर बोझ से जुडे़ एक सवाल का जवाब देते वक्त आबादी के अलग-अलग वर्गों और उन्हें फायदा पहुंचाने वाली स्कीमों का जिक्र किया था।
बयान के अनुसार चिदंबरम ने उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (किसानों को लाभ पहुंचाने वाला), मनरेगा (ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों के फायदे वाला), मिड डे मील स्कीम (लाखों बच्चों के लिए लाभप्रद) और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (हजारों गांवों के फायदे वाली) का जिक्र किया था।
गृहमंत्री ने कच्चे तेल की कीमतों का जिक्र किया था और कैसे सरकार पेट्रोल की कीमतों में पहली बढ़ोतरी के लिए मजबूर हुई थी और किस तरह मध्यम वर्ग के फायदे के लिए उसने दो बार इसमें कमी की।
चिदंबरम के जवाब के मूल पाठ के हवाले से बयान में कहा गया कि गृहमंत्री ने बेंगलुरु में कहा था कि आपने ऊंची खाद्य कीमतों का जिक्र किया है। सही है, खाद्य मुद्रास्फीति ऊंची है, लेकिन ऊंचा खरीद मूल्य कुछ अधिक खाद्य कीमतों में प्रतिविम्बित होगा, लेकिन ऊंचे खरीद मूल्य से लाखों किसानों को फायदा होता है।
बयान के मुताबिक चिदंबरम ने कहा था कि यदि आप गन्ने की कीमत बढ़ाएंगे तो चीनी पहले के मुकाबले सस्ती नहीं हो सकती। यदि आप खरीद के गेहूं या चावल की कीमत बढाएंगे तो ग्राहकों के लिए चावल और गेहूं सस्ता नहीं हो सकता। कभी-कभी और मैंने एक बार इस बारे में लिखा भी है, हम पानी की बोतल के लिए 15 रुपए देने को तैयार हैं लेकिन एक किलो चावल या गेहूं की कीमत में एक रुपए की बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं।
बयान में गृहमंत्री के हवाले से कहा गया कि हम आइसक्रीम के कोन के लिए 20 रुपए देने को तैयार हो जाते हैं लेकिन एक किलो गेहूं या चावल पर एक रुपया दाम बढ़ने पर कीमत नहीं देंगे।
बयान में कहा गया कि चिदंबरम बेंगलुरु में दस जुलाई 2012 को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान संबद्ध सवाल और उसके जवाब को मीडिया द्वारा तोड़ मरोड़ कर पेश करने से न सिर्फ क्षुब्ध हैं बल्कि उन्हें इसकी नाराजगी भी है।
गृहमंत्री ने अपने जवाब में किसी का मजाक नहीं बनाया था। उन्होंने हम शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने ऐसे शब्द नहीं इस्तेमाल किये थे कि वे (जनता) महंगाई को लेकर इतना शोर क्यों मचाते हैं।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(3)
चिदाम्बरण जी आप क्या कहना चाहते हो? यही न की पानी को बोतल में १५ रूपए तो दे सकते हा पर १ रूपए १ किलो गेहू के लिए नहीं दे सकते न आप को पता नहीं की एक आड़ आदमी रेल में सफ़र करते वक्त कभी भी पानी की बोतल नहीं ले पता हा बल्कि उस पेसे से वह खाना खा लेता हे पानी तो वो लोग खरीद के पीते हे जो आम आदमी नहीं आप ने कभी स्टेसन से पानी नहीं पिया होगा कैसे पता चलेगा की रेल रुकने के बाद आम आदमी कितनी परेशानी से पानी भर पता हा वो भी वह पानी जो इंसान क्या जानवर भी पिने से मना कर और हम क्यों न पीछे पड़े महगाई के क्या दे रहे हो आप जी करता हे संसद के सामने तब तक बैठू जब तक तुम मंत्री लोगो को आम आदमी की सोच या परेशानी समझ न आ हम आम आदमी ने आपको जो सम्मान दिया हा सायद आप मंत्री लोग उसके लायक नहीं देश की गरीब जनता के अंशु आप को कहा दिख सकते
By ARVIND KUMAR (11th-July-2012 07:31:PM)
महगाई पर हाय तोबा क्यों - चिदम्बरम
श्री मान चिद्दू आपतो घोटले करके और अनाप सनाप वेतन लेकर पेटभर चुके हैं अतः आम आदमी और माद्यम वर्ग की भूख और उसके बजट के बारे में सोच ही नहीं सकते जो ऐसे वेसे कर के गुजरा कर रहा है उसके लिए तो चावल पर १ रुपया की बचत भी बहुत होती हैं / रही बात पानी के बोतल की तो चिद्दू जी आपको चुलुभर पानी में डूब मरना चाहिए की आप की सरकार तो आम जनता को स्वच्छ पिने का पानी भी उपलभध नहीं करा सकती अतः माध्यम वर्ग या आम आदमी डॉक्टर को २०० रुपया देने से तो पानी की बोतल खरीदकर पानी पिने को मजबूर है / लेकिन आप जैसे लोग ही आइस क्रीम का चटकारा भरते हो आम आदमी तो आइस क्रीम खाने से पहले दो बार सोचता है और हर संभव कोशिश करता है की वह अपने संबंधियों को आइस क्रीम न खाने के लिए समझा सके / लगता है चिद्दू जी भारत मे नहीं रहते या फिर कूप मेंदुक है जिन्हें केवल अपने आस पास का दायरा ही भारत नजर आता है और भी बहुत कुछ है चिद्दू के समझने के लिए वार्ष्णेय
भायंदर
By arun varshney (11th-July-2012 05:30:PM)
bjp nahi chahti ki kisano ko uchit mulya mile
By ranbir kumar (11th-July-2012 03:49:PM)
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