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प्रत्यक्ष विदेशी निवेश: जानिए आंकड़ों की जुबानी, सरकार की कहानी...
नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान First Published:06-12-2012 12:14:58 PMLast Updated:06-12-2012 01:55:02 PM

लोकसभा में एफडीआई पर बहस और वोटिंग के बाद अब बारी है राज्यसभा की। लोकसभा में आंकड़े सरकार के पक्ष में थे, लेकिन राज्यसभा की राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है। राज्यसभा की कुल 244 सीटों के लिए बहुमत के लिए 123 सीट चाहिए, जबकि यूपीए का अंकगणित 94 पर आकर सिमट जाता है।

लोकसभा में विपक्ष का प्रस्ताव गिरने के बाद राज्यसभा में रिटेल में एफडीआई पर बहस जारी है। बुधवार को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सांसदों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।

इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी समेत विपक्ष को आज चर्चा के दौरान हंगामे के आसार हैं। राज्यसभा में जहां सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, वहीं राज्यसभा में चर्चा और मतदान नियम 167 एवं 168 के तहत होगी।

सरकार को 244 सदस्यीय सदन में एफडीआई पर विपक्ष के प्रस्ताव को खारिज करने के लिए बहुमत के लिए 123 मतों की जरूरत होगी। कांग्रेस और उसके सहयोगियों की संख्या 89 ही पहुंचती है। आरजेडी, एलजेपी, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, नागालैंड पीपुल्स फ्रंट और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के कुल छह सदस्य सरकार का समर्थन कर रहे हैं। इस प्रकार सदन में सरकार के पक्ष में कुल आंकड़ा 94 तक ही पहुंचता है।

बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए के कुल 65 सदस्य हैं। इसके अलावा वामदलों के 14 और तृणमूल कांग्रेस के नौ सदस्य भी विपक्ष के साथ हैं। उम्मीद की जा रही है कि बीजू जनता दल के सात, असम गण परिषद के दो, एआईएडीएमके के पांच और तेलगू देशम पार्टी के पांच सदस्य भी सरकार के विरोध में मतदान करेंगे।

इसे मिलाकर विपक्षी सदस्यों की संख्या 107 पहुंच जाती है। लोकसभा की तरह एसपी और बीएसपी अगर सदन से वॉकआउट करती भी हैं तो सरकार को इससे राहत नहीं मिलने वाली, सदन में 10 मनोनीत और सात निर्दलीय सदस्य हैं।

 
 
 
 
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