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विपक्ष ने की वॉलमार्ट के खुलासे की जांच की मांग
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:10-12-12 03:57 PM
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बहु ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को लागू कराने के लिए अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट द्वारा 125 करोड़ रुपए खर्च करने के खुलासे को लेकर बवाल खड़ा हो गया और विपक्ष ने इसकी जांच कराने की मांग की है।

भारत में खुदरा कारोबार में एफडीआई के लिए वॉलमार्ट द्वारा अमेरिका में लॉबिंग पर 125 करोड़ रुपए खर्च करने के संबंध में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, और समाजवादी पार्टी ने सरकार से यह जांच कराने की मांग की है कि यह पैसा किसे मिला है वहीं कांग्रेस ने कहा है कि वॉलमार्ट की रिपोर्ट में किसी भारतीय का नाम नहीं लिया गया है।

खुदरा बाजार में एफडीआई की अनुमति देने के सरकार के फैसले का कड़ा विरोध कर रही भाजपा ने वॉलमार्ट के खुलासे को हाथों-हाथ लेते हुए इस मामले की जांच कराने की मांग की। पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एफडीआई को लागू करने के लिए पैसे खर्च करने की बात सामने आई है जिसकी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने राज्यसभा में भी यह मसला उठाया।

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि एफडीआई के विरोध में वह जो कुछ कह रहे थे उससे यह रिपोर्ट मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि पैसा किसे मिला लेकिन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे तथ्य जनता के सामने आ सकें।

सपा नेता मोहन सिंह ने कहा कि सरकार को मामले की तह में जाने के लिए सारे तथ्यों की जांच करानी चाहिए ताकि पता चल सके कि भारत में कितना पैसा खर्च किया गया और किसे मिला।

दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि वॉलमार्ट की रिपोर्ट में अमेरिकी सांसदों को लॉबिंग के लिए पैसा दिए जाने की बात कही गई है ऐसे में अमेरिकी सरकार को बताना चाहिए कि यह पैसा किसे दिया गया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में किसी भारतीय या यहां के किसी संगठन का नाम नहीं लिया गया है।

 
 
 
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