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ED ने कुर्क की जगन की 143 करोड़ रुपये की संपत्ति
हैदराबाद/नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:08-01-13 01:56 PM
Last Updated:08-01-13 02:35 PM
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी की 143.74 करोड़ रुपये की सम्पत्ति को कुर्क किया है।
धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के अपराधिक प्रावधानों के तहत इस मामले में कुर्की आदेश जारी किया गया है। इस मामले में यह एजेंसी की ओर से तीसरा कुर्की आदेश है। इससे पहले 51 करोड़ रुपये और 71 करोड़ रुपये के दो अलग अलग कुर्की आदेशी जारी किये गए थे।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी की ऐसी ही कुछ आदेश प्रक्रिया के विभिन्न चरण में है, क्योंकि वह जगन और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुख्ता मामला तैयार करना चाहती है।
कुर्की आदेश के अनुसार, पीएमएलए की धारा 5 (1) के तहत 143.74 करोड़ रुपये की चल एवं अचल सम्पत्ति कुर्क की जाती है। जो सम्पत्ति कुर्क की जा रही है वह एमएस रामकी फार्मा सिटी (इंडिया) लिमिटेड से जुड़ी है और इसमें 153.46 करोड़ रुपये की जमीन और 3.20 करोड़ रुपये का म्यूचुअल फंड तथा जगृति पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड (जगन मोहन की) के मद में 10 करोड़ रुपये की सावधि जमा शामिल है।
एजेंसी सीबीआई की ओर से दायर एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है जो जगन मोहन की आय से अधिक सम्पत्ति से जुड़ा हुआ है विशेष तौर पर उनके पिता और आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के समय के।
प्रवर्तन निदेशालय का कुर्की एक प्रभावी कदम होता है जो धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपियों को सम्पत्ति से लाभ प्राप्त करने से रोकता है जो अवैध तरीके से अर्जित की गई हो। आरोपी पक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकता है।
धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के अपराधिक प्रावधानों के तहत इस मामले में कुर्की आदेश जारी किया गया है। इस मामले में यह एजेंसी की ओर से तीसरा कुर्की आदेश है। इससे पहले 51 करोड़ रुपये और 71 करोड़ रुपये के दो अलग अलग कुर्की आदेशी जारी किये गए थे।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी की ऐसी ही कुछ आदेश प्रक्रिया के विभिन्न चरण में है, क्योंकि वह जगन और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुख्ता मामला तैयार करना चाहती है।
कुर्की आदेश के अनुसार, पीएमएलए की धारा 5 (1) के तहत 143.74 करोड़ रुपये की चल एवं अचल सम्पत्ति कुर्क की जाती है। जो सम्पत्ति कुर्क की जा रही है वह एमएस रामकी फार्मा सिटी (इंडिया) लिमिटेड से जुड़ी है और इसमें 153.46 करोड़ रुपये की जमीन और 3.20 करोड़ रुपये का म्यूचुअल फंड तथा जगृति पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड (जगन मोहन की) के मद में 10 करोड़ रुपये की सावधि जमा शामिल है।
एजेंसी सीबीआई की ओर से दायर एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है जो जगन मोहन की आय से अधिक सम्पत्ति से जुड़ा हुआ है विशेष तौर पर उनके पिता और आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के समय के।
प्रवर्तन निदेशालय का कुर्की एक प्रभावी कदम होता है जो धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपियों को सम्पत्ति से लाभ प्राप्त करने से रोकता है जो अवैध तरीके से अर्जित की गई हो। आरोपी पक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकता है।
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