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पुलिस ने देर रात किया था श्मशान से संपर्क
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:30-12-12 01:59 PMLast Updated:30-12-12 02:40 PM
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दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस ने दक्षिण दिल्ली स्थित एक श्मशान घाट के अधिकारियों से शनिवार देर रात संपर्क किया था। अंतिम संस्कार की योजनाओं को पूरी तरह गुप्त रखा गया।

पुलिस को डर था कि बड़ी संख्या में लोग श्मशान पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं। कानून व्यवस्था की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारी चाहते थे कि अंतिम संस्कार सूर्योदय से पहले साढ़े छह बजे तक कर दिया जाए, लेकिन उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी क्योंकि हिन्दू परंपराओं के अनुसार सूर्योदय से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता इसलिए उन्हें सूर्य निकलने का इंतजार करना पड़ा।

पीड़िता के पिता ने सुबह साढ़े सात बजे उसके भाईयों और अन्य रिश्तेदारों के समक्ष लड़की को मुखाग्नि दी। पुलिस ने द्वारका स्थित श्मशान का संचालन करने वाली संस्था न्यू इंडियन एजुकेशन एण्ड कल्चरल सोसायटी से कल रात 10 बजे संपर्क कर आज सुबह साढ़े छह बजे अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने को कहा।

सोसायटी के प्रबंधक सुनील कुमार ने कहा कि हमें पीड़िता के बारे में बताया गया। हमने सभी व्यवस्था की। हमारे पुजारी विजेन्द्र शर्मा ने सभी रीतियां पूरी कीं। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार साढ़े छह बजे होना था, लेकिन हिन्दू परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले हम अंतिम संस्कार नहीं कर सकते हैं। इसलिए हमें साढ़े सात बजे तक का इंतजार करना पड़ा।

छात्रा का शव एयर इंडिया के विशेष विमान से सिंगापुर से दिल्ली लाया गया। शव को कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात करीब साढ़े तीन बजे पीड़िता के निवास पर ले जाया गया। शव लेकर पीड़िता के घर जा रही एंबुलेंस के साथ बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल और सीमा सुरक्षा बल के जवान थे। उनके घर के आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा बंदोबस्त कड़ा था।

घर पर सभी रिवाजों को पूरा किए जाने के बाद शव को कड़ी सुरक्षा में एंबुलेंस में श्मशान ले जाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पिछले सप्ताहांत इस मामले को लेकर पूरी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

छात्रा के परिजनों को पुलिस सुरक्षा में बस से श्मशान लाया गया। श्मशान को आम लोगों और मीडिया के लिए बंद कर दिया गया था। सिंगापुर से लौटने पर पीड़िता का शव लेने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वहां पहुंची थीं।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने श्मशान पहुंचकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह, पश्चिमी दिल्ली के सांसद महाबल मिश्र और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजेन्दर गुप्ता भी अंतिम संस्कार के वक्त मौजूद थे।

 
 
 
 
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