शनिवार, 01 नवम्बर, 2014 | 08:04 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
विद्या प्रकाश ठाकुर ने भी राज्यमंत्री पद की शपथ लीदिलीप कांबले ने ली राज्यमंत्री पद की शपथविष्णु सावरा ने ली मंत्री पद की शपथपंकजा गोपीनाथ मुंडे ने ली मंत्री पद की शपथचंद्रकांत पाटिल ने ली मंत्री पद की शपथप्रकाश मंसूभाई मेहता ने ली मंत्री पद की शपथविनोद तावड़े ने मंत्री पद की शपथ लीसुधीर मुनघंटीवार ने मंत्री पद की शपथ लीएकनाथ खड़से ने मंत्री पद की शपथ लीदेवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
पीड़िता के पिता की चाहत, दुनिया जाने बेटी का नाम
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-01-13 04:00 PMLast Updated:06-01-13 08:39 PM
Image Loading

दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में गैंगरेप की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के पिता का कहना है कि वे चाहते हैं कि दुनिया उनकी बेटी का वास्तविक नाम जाने ताकि इस तरह के हमलों का शिकार होने वाली महिलाओं को लड़ने का साहस मिले।

छात्रा का रेप करने के बाद छह आरोपियों ने उसे बुरी तरह मारा-पीटा था। करीब दो सप्ताह तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद इस लड़की की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। भारतीय मीडिया इस पूरी घटना में लड़की का नाम लेने और उसकी पहचरान उजागर करने से बच रहा है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के बाद उसे सिंगापुर भेजा गया था जहां शनिवार 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अपने पैतृक गांव में छात्रा के 53 वर्षीय पिता ने द संडे पीपुल और द डेली मिरर के रविवारीय संस्करण से कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया उसका वास्तविक नाम जाने। मेरी बेटी ने कुछ गलत नहीं किया है, उसकी जान खुद की रक्षा करते हुए गई है। मुझे उस पर गर्व है। उसका नाम उजागर करने से ऐसे हमलों को झेलने वाली लड़कियों का साहस मिलेगा। उन्हें मेरी बेटी से ताकत मिलेगी।

छात्रा का शोकाकुल परिवार दिल्ली स्थित अपने घर से फिलहाल अपने गांव चला गया है। छात्रा के पिता ने कहा कि पहले मैं इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सामने से देखना चाहता था, लेकिन अब मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता। मैं बस सुनना चाहता हूं कि अदालत ने उन्हें सजा दी है और उन्हें फांसी दे दी गई।

उन्होंने कहा कि मैं सभी छह आरोपियों के लिए मौत की सजा चाहता हूं। ये लोग शैतान हैं। इन्हें उदाहरण बनाया जाना चाहिए और समाज में ऐसी घटनाएं नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ वह बहुत ही वीभत्स था और मैं चाहता हूं कि कभी भी किसी को उसकी तरह की पीड़ा से ना गुजरना पड़े।

यह शोकाकुल पिता अब आशा करता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ पुलिस इसे नहीं संभाल सकती। माता-पिता को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी होगी।

 
 
 
टिप्पणियाँ