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पीड़िता के पिता की चाहत, दुनिया जाने बेटी का नाम
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:06-01-13 04:00 PM
Last Updated:06-01-13 08:39 PM
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में गैंगरेप की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के पिता का कहना है कि वे चाहते हैं कि दुनिया उनकी बेटी का वास्तविक नाम जाने ताकि इस तरह के हमलों का शिकार होने वाली महिलाओं को लड़ने का साहस मिले।
छात्रा का रेप करने के बाद छह आरोपियों ने उसे बुरी तरह मारा-पीटा था। करीब दो सप्ताह तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद इस लड़की की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। भारतीय मीडिया इस पूरी घटना में लड़की का नाम लेने और उसकी पहचरान उजागर करने से बच रहा है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के बाद उसे सिंगापुर भेजा गया था जहां शनिवार 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अपने पैतृक गांव में छात्रा के 53 वर्षीय पिता ने द संडे पीपुल और द डेली मिरर के रविवारीय संस्करण से कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया उसका वास्तविक नाम जाने। मेरी बेटी ने कुछ गलत नहीं किया है, उसकी जान खुद की रक्षा करते हुए गई है। मुझे उस पर गर्व है। उसका नाम उजागर करने से ऐसे हमलों को झेलने वाली लड़कियों का साहस मिलेगा। उन्हें मेरी बेटी से ताकत मिलेगी।
छात्रा का शोकाकुल परिवार दिल्ली स्थित अपने घर से फिलहाल अपने गांव चला गया है। छात्रा के पिता ने कहा कि पहले मैं इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सामने से देखना चाहता था, लेकिन अब मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता। मैं बस सुनना चाहता हूं कि अदालत ने उन्हें सजा दी है और उन्हें फांसी दे दी गई।
उन्होंने कहा कि मैं सभी छह आरोपियों के लिए मौत की सजा चाहता हूं। ये लोग शैतान हैं। इन्हें उदाहरण बनाया जाना चाहिए और समाज में ऐसी घटनाएं नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ वह बहुत ही वीभत्स था और मैं चाहता हूं कि कभी भी किसी को उसकी तरह की पीड़ा से ना गुजरना पड़े।
यह शोकाकुल पिता अब आशा करता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ पुलिस इसे नहीं संभाल सकती। माता-पिता को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी होगी।
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