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जिंदल के खिलाफ मानहानि का अदालत ने लिया संज्ञान
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:03-01-13 05:59 PM
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और उनकी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के 16 अधिकारियों के खिलाफ जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी की आपराधिक मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने कहा कि आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) के तहत अपराध को धारा 34 (समान इरादे) के साथ पढ़ते हुए इस पर संज्ञान लिया जाता है। आपराधिक प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों और दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर फरियादी और उनके गवाहों से पूछताछ शुरू की जा रही है। पूछताछ सात जनवरी को शुरू होगी।
इस बीच, जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया ने भी आज जिंदल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया, लेकिन उन्होंने एक अलग अदालत में मामला दर्ज कराया है जो नौ जनवरी को निर्णय लेगी कि अहलूवालिया की याचिका पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। चौधरी को आज निजी तौर पर पेश होने से छूट दी गयी थी।
उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिंदल और उनकी कंपनी जेएसपीएल के अधिकारियों ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके खिलाफ जानबूझकर गलत बयान दिये। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली की कोशिश में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मामले में यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपमानजनक बयान दिये गये थे।
चौधरी और अहलूवालिया को जिंदल की कंपनी की शिकायत पर 27 नवंबर, 2012 को गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि दोनों ने कंपनी के खिलाफ कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़ी नकारात्मक खबरें प्रसारित नहीं करने के एवज में विज्ञापन सौदा करने के लिहाज से 100 करोड़ रुपये की मांग की थी।
दोनों को अदालत ने 17 दिसंबर, 2012 को जमानत दी। दोनों पर आईपीसी की धारा 384 (वसूली), 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 511 (उम्रकैद या अन्य कैद की सजा मिलने वाले दंडनीय अपराध की कोशिश करने के लिए दंड) के तहत मामले दर्ज किये गये थे। अदालत ने चौधरी की शिकायत पर पिछले साल 21 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
जेएसपीएल के निदेशक (एचआर) राजीव भदौरिया तथा अन्य ने कथित जबरन वसूली के मामले में शिकायत की थी जिनका नाम मानहानि की शिकायत में है। चौधरी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा था कि इन सभी को अच्छी तरह पता था कि जबरन वसूली की कोशिश का मामला दर्ज करने के लिए शिकायत में गलत बयान दिये गये।
चौधरी ने अपनी शिकायत में कहा कि नवीन जिंदल ने 25 अक्टूबर, 2012 को संवाददाता सम्मेलन कर उसमें यह गलत बयान दिया था कि ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने चौधरी को पक्ष रखने का मौका देने और उनके बयान पर विचार करने के बाद उन्हें बीईए के कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया।
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