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झारखंड विधानसभा के पांचवें और आखिरी चरण के मतदान का समय खत्म हो गया है।झारखंड विधानसभा के पांचवें और आखिरी चरण का मतदान खत्म होने में बस 10 मिनट बाकी हैं। 'हिन्दुस्तान' आपसे अपील करता है कि आप भी अपने मताधिकार का प्रयोग करें।झारखंड : लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर दोपहर 1 बजे तक 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआजम्मू: बिशनाह चुनाव क्षेत्र में मतदान केन्द्र संख्या 27 में कुल 640 वोटर हैं और मतदान के पहले घंटे में 72 प्रतिशत मतदान हो चुका है।जम्मू: बानी में 15.22 प्रतिशत, हरीनगर 15.02 प्रतिशत, बिशनाह में 14 प्रतिशत, मारह 12 प्रतिशत, कठुआ में 11.71 प्रतिशत, बशोली में 11 प्रतिशत, बिल्लावर में 10.25 प्रतिशत और गांधीनगर एवं जम्मू पूर्व में 10 प्रतिशत मतदान हुआ है।जम्मू: जम्मू पश्चिम और नौशेरा में नौ-नौ प्रतिशत और डरहाल में 8.50 प्रतिशत एवं कालकोट में 7.15 प्रतिशत मतदान हुआ है।जम्मू: जम्मू जिले के गांधीनगर विधानसभा में केंद्रीय विद्यालय में तीन मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस केंद्र पर पहले आधे घंटे में लगभग 50 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।जम्मू: गांधीनगर इलाके एक पोलिंग स्टेशन पर निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं के लिए चाय की व्यवस्था भी की है।जम्मू: कठुआ जिले में सीमवर्ती निर्वाचन क्षेत्र हीरानगर में महिला मतदाताओं की संख्या, पुरुष मतदाताओं से अधिक रही। कठुआ जिले के दूर-दराज के बानी और बिलावर निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया की शुरुआत धीमी रही।जम्मू: राजौरी जिले की राजौरी, दारहल, कालकोट और नौशेरा में भी सुबह के समय मतदान प्रक्रिया सुस्त रही।झारखंड: दोपहर 1 बजे तक जामताड़ा-57, नाला-56, बोरियो-45, राजमहल-43, बरहेट-47, पाकुड़-61, लिट्टीपाड़ा-59, महेशपुर-58, दुमका-44, जामा-56, जरमुंडी-57, शिकारीपाड़ा-60, सारठ-59, पोड़ैयाहाट-56, गोड्डा-47, महगामा-48 प्रतिशत मतदान हुआ
करुणानिधि ने दिए स्टालिन को डीएमके प्रमुख बनाने के संकेत
चेन्नई, एजेंसी First Published:06-01-13 08:29 PM
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख एम. करुणानिधि ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह अपने दूसरे बेटे एम.के. स्टालिन को उत्तराधिकारी बनाए जाने या पार्टी की सामान्य परिषद के महासचिव पद दिए जाने का प्रस्ताव रखेंगे।

पार्टी के जिला सचिवों के साथ बैठक के बाद करुणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, ''डीएमके एक लोकतांत्रिक पार्टी है। अध्यक्ष या महासचिव पद के लिए कोई भी चुनाव लड़ सकता है। पार्टी की सामान्य परिषद में स्टालिन का नाम बहुमत से प्रस्तावित करना है और अन्य को इसे स्वीकार करना होगा।''

उन्होंने कहा, ''अगर मेरी व्यक्तिगत क्षमता की बदौलत ऐसा मौका मिला तो मैं स्टालिन का नाम प्रस्तावित करूंगा, क्योंकि पार्टी महासचिव ने पहले भी उनका नाम प्रस्तावित किया था और अब मैं उसका समर्थन करना पसंद करूंगा।''

डीएमके महासचिव के. अनबझागन ने भी कहा कि यदि वह प्रस्ताव लाते हैं और अन्य सदस्य उसका समर्थन करते हैं तो अध्यक्ष (करुणानिधि) भी उसे खारिज नहीं कर सकते।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, करुणानिधि ने कहा, ''मैं नहीं जानता कि उस समय तक मैं रहूंगा या नहीं।''

गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।

मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एम.के. अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा।

उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।

 
 
 
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