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भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में रेल विभाग शीर्ष पर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:19-12-2012 02:52:25 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पिछले साल रेल विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की 8,800 से अधिक शिकायतें मिलीं।
    
सीवीसी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि रेल विभाग के खिलाफ 8,805 शिकायतें आईं तो बैंकों के कर्मचारियों के खिलाफ 8,430 और आयकर विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध 5,026 शिकायतें मिलीं। दिल्ली सरकार के लोगों के खिलाफ 4,783 और शहरी विकास विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ 3,921 शिकायतें आईं।
    
ये सभी शिकायतें साल 2011 में मिलीं। सीवीसी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ 2,960 शिकायतें और दूरसंचार विभाग के खिलाफ 1,918 मिलीं।
    
इसी तरह पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ 1,877, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ 1,544 और सीमा एवं उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के खिलाफ 1,296 शिकायतें आईं।
   
सीवीसी ने हाल ही में संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने में विलंब हुआ है। उसने कहा कि सतर्कता मामलों को आगे बढ़ाने में देरी एक बड़ा मुददा है। शिकायतों को लाने और संबंधित अधिकारियों की ओर से फैसला करने में विलंब होता है।
   
साल 2011 की सीवीसी की इस वार्षिक रिपोर्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी जांच का जिक्र नहीं किया गया है। उसने कहा कि संबंधित विभागों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों को दी गई 1,406 शिकायतों से जुड़ी जांच रिपोर्ट अब भी उन्हीं के पास लंबित हैं।
   
सीवीसी के अनुसार दिल्ली सरकार के पास सबसे अधिक 182 जांच एवं उससे जुड़ी रिपोर्ट लंबित है। इसी तरह दिल्ली नगर निगम के 156, दिल्ली विकास प्राधिकरण के पास 49, रक्षा मंत्रालय के पास 48 और भारत संचार निगम लिमिटेड के पास भी 48 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

 
 
 
 
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