गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 06:11 | IST
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दस्तावेज लीक मामला: रिटायर्ड विंग कमांडर गिरफ्तार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:30-11-12 12:25 PMLast Updated:30-11-12 12:55 PM
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सीबीआई ने वायुसेना के एक सेवानिवृत्त विंग कमांडर को गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में उसकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया है। इन दस्तावेजों को बाद में हथियार डीलर अभिषेक वर्मा के पूर्व सहयोगी ने एजेंसी को मुहैया करा दिया था।
     
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी को वायुसेना से संबंधित दस्तावेज लीक करने के लिए कल देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।

एजेंसी सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्त अधिकारी से वर्मा और उसके सहयोगियों के साथ उसके संबंधों के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि उसकी भूमिका की जानकारी काल विवरणों के विश्लेषणों और वर्मा की ओर से दिये गए बयानों से सामने आयी।  
     
इस बीच सीबीआई गोपनीय दस्तावेजों के कथित लीक मामले में अपना आरोपपत्र यहां स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दायर करेगी। सूत्रों ने कहा कि सीबीआई आरोपपत्र में इस मामले में उसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी दे सकती है।

सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी को आरोपपत्र दायर करने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से हरी झंडी मिल गई है और वह इस मामले में आरोपपत्र एक विशेष सीबीआई अदालत में आज दायर कर सकती है।
   
सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय की ओर से एक औपचारिक शिकायत प्राप्त होने के बाद वर्मा और अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था कि अमेरिका के एटॉर्नी एवं वर्मा के पूर्व व्यापारिक सहयोगी सी एड़ांड एलेन की ओर से कथित रूप से मुहैया कराये गए दस्तावेज गोपनीय थे और इससे सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन हुआ।
   
सीबीआई ने वर्मा और रक्षा मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून की धारा तीन एवं 120 बी के तहत मामला दर्ज करने का फैसला किया। एलेन ने कथित रूप से वे दस्तावेज सीबीआई को मुहैया कराये जो कि रक्षा बलों की खरीद एवं भविष्य की योजनाओं से संबंधित थे।
   
सूत्रों ने दावा किया कि एलेन ने आरोप लगाया था कि ये दस्तावेज उसे वर्मा ने रक्षा हलकों में अपना प्रभाव दिखाने के लिए मुहैया कराये थे।
   
इन दस्तावेजों में भारतीय वायुसेना की अगले पांच वर्ष की खरीद योजना शामिल है तथा इनमें से कुछ वायुसेना की ओर से विकसित आधारभूत ढांचे के अलावा मानव रहित विमानों और उनसे जुड़ी प्रणाली की खरीद से संबंधित है।  
 
 
 
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